Wednesday, December 20, 2023

What's good, what's not in new criminal code bills? Experts weigh in

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INDIA अलायंस के वो 4 मुद्दे जिनपर नहीं बन रही बात, सामने आ गए नेताओं के अंदरूनी मतभेद

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लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections 2024) में अभी कुछ ही महीने रह गए हैं. विपक्षी दलों के INDIA अलायंस (Opposition INDIA Alliance) की चार बैठकें भी हो गईं, लेकिन सीट-शेयरिंग (Seat Sharing) और पीएम उम्मीदवार समेत कई ऐसे मुद्दे हैं, जिनपर अब तक कोई आम राय अब तक नहीं बन पाई है. मोदी सरकार को हराने की रणनीति पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में बुलाई गई INDIA अलायंस की चौथी बैठक में अंदरूनी मतभेद और खींचतान खुलकर सामने आ गए. आइए जानते हैं कि क्या है वो वजह जिससे नीतीश कुमार (Nitish Kumar), लालू यादव (Lalu Yadav) और दूसरे नेता INDIA अलायंस से नाराज हो गए. 

दरअसल, नई दिल्ली की मीटिंग में TMC प्रमुख ममता बनर्जी और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम INDIA अलायंस के प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ाकर कांग्रेस को ही पटखनी देने की कोशिश की. इस प्रस्ताव पर नीतीश कुमार, लालू प्रसाद यादव और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं ने भी चुप्पी साधकर नाराजगी का इजहार किया. दोनों ही नेता गठबंधन की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए. अखिलेश यादव भी नई दिल्ली से सीधे लखनऊ के लिए रवाना हो गए. हालांकि, उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से थोड़ी-बहुत बात की थी.

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इस मीटिंग के बाद क्षेत्रीय दलों की आपसी खींचतान और मतभेद भी सामने आ गए हैं. चार ऐसे मुद्दे हैं, जिनको हल किए बिना विपक्षी एकता शायद आकार नहीं ले सकेगी.

राहुल गांधी का नेतृत्व
विपक्षी गठबंधन के लिए सबसे बड़ा मुद्दा राहुल गांधी का नेतृत्व है. ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल शायद नहीं चाहते कि राहुल गांधी गठबंधन का चेहरा बने या गठबंधन का नेतृत्व करें. इसलिए नई दिल्ली की मीटिंग से पहले ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात हुई थी. मीटिंग में ममता बनर्जी ने कांग्रेस को हैरान करते हुए खरगे का नाम पीएम उम्मीदवार के तौर पर आगे बढ़ा दिया. केजरीवाल ने बिना देरी किए इस प्रस्ताव का समर्थन भी कर दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक, विपक्षी गठबंधन के कुल 28 में से 12 दलों ने खरगे के नाम के प्रस्ताव का समर्थन किया है. इससे कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी हो गई, क्योंकि ज्यादातर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के पक्ष में दिखाई देते हैं. हालांकि, मल्लिकार्जुन खरगे ने मुद्दे को यह कहते हुए टाल दिया कि चुनाव बाद गछबंधन के जीतने पर ही इस बात पर चर्चा होगी. आपको बता दें कि राहुल गांधी खुद को पीएम पद की दौड़ से काफी पहले ही अलग कर चुके हैं.    

बुआ-भतीजे की खटपट
विपक्षी गठबंधन में क्षेत्रीय दलों की आपसी खींचतान का दूसरा मुद्दा बुआ-भतीजे की खटपट है. बुआ यानी मायावती और भतीजे यानी अखिलेश यादव. पीएम उम्मीदवार को लेकर खरगे के पक्ष में ममता बनर्जी की ओर से दलील ये दी गई है कि वो देश के पहले दलित प्रधानमंत्री बन सकते हैं. लेकिन मायावती के समर्थक तो ये बात उनके लिए काफी लंबे समय से कहते आए हैं. सपा-कांग्रेस की दूरी के बीच कांग्रेस और बसपा के नजदीक आने की चर्चाएं भी हुईं.

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मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस आमने-सामने दिखे थे. इसलिए क्या कांग्रेस और बसपा करीब आ सकते हैं? ये सवाल भी गठबंधन में उठाया जा रहा है. वैसे नई दिल्ली की मीटिंग में सपा ने कांग्रेस को चेतावनी दे दी कि बसपा से हाथ मिलाने की कतई कोशिश न करें.

सपा सांसद एसटी हसन ने कहा, "बसपा को मीटिंग में आने के लिए बुलाया गया था. लेकिन वो नहीं आए. बसपा के नेता किसी मीटिंग में शामिल नहीं हुए. बसपा ने अकेले चुनाव लड़ने का साफ ऐलान कर दिया है. INDIA अलायंस को भी बसपा की कोई खास जरूरत नहीं है. गठबंधन में अब बसपा के आने का भी कोई मतलब नहीं है. कल की मीटिंग के बाद कांग्रेस ने भी कहा है कि वो ऐसा कोई विचार नहीं कर रही है. सपा अब इस बात के खिलाफ है कि गठबंधन में अब बसपा को लिया जाए."

नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव की नाराजगी
विपक्षी गठबंधन में खींचतान का तीसरा मुद्दा नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव की नाराजगी है. नई दिल्ली की बैठक में भी संयोजक पद पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका. हालांकि, ममता बनर्जी ने ये कहा था कि खरगे को या तो पीएम उम्मीदवार बनाया जाय या गठबंधन का संयोजक. लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है.

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बीजेपी से रिश्ता तोड़ने के बाद से विपक्षी दलों को एकजुट करने में नीतीश कुमार ने बड़ी भूमिका निभाई है. इस लिहाज से नीतीश को उम्मीद है कि उन्हें कोई न कोई जिम्मेदारी दी जाएगी. लेकिन बिना बात किए खरगे का नाम पीएम उम्मीदवार और गठबंधन के संयोजक के तौर पर बढ़ा दिया गया. संयोजक के लिए नीतीश कुमार का नाम ही नहीं लिया गया. मीटिंग खत्म होते ही नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादतव ज्वॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में नहीं आए. नीतीश ने इससे पहले तीसरी मीटिंग के बाद भी प्रेस कॉन्फ्रेंस स्किप की थी.

नीतीश कुमार की 'नाराजगी' को लेकर जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा, "हम चाहेंगे कि भविष्य में हम और परस्पर सहयोग और सद्भावना के साथ काम करें. गठबंधन के लिए जो फैसले लेने चाहिए, वो एक व्यक्ति या एक दल से प्रचारित नहीं किया जाए. इससे सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ेगा."

सीट शेयरिंग का समझौता
खींचतान का चौथा मु्द्दा सीट शेयरिंग और सीटों का तालमेल है. टीएमसी ने सीटों का बंटवारा करने के लिए 31 दिसंबर तक की डेडलाइन अपनी ओर से तय कर दी है. सीटों के तालमेल के लिए मंगलवार को 6 सदस्यीय अनौपचारिक समिति का ऐलान किया गया है. इसमें अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, आम आदमी पार्टी पंजाब और दिल्ली में कांग्रेस को सीटें देने को तैयार नहीं है. सीट शेयरिंग के लिए 31 दिसंबर तक की डेडलाइन दी गई है. लेकिन केजरीवाल 30 दिसंबर तक विपश्यना क्लासेस के लिए दिल्ली से बाहर चले गए हैं.

कुछ सीटों पर समझौता आसान नहीं
INDIA गठबंधन के लिए कई राज्य ऐसे हैं, जहां सीटों का बंटवारा आसान नहीं दिखता है. आइए समझते हैं कि इन राज्यों में सीट शेयरिंग का क्या फॉर्मूला निकल सकता है:-

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यों में सीटों के बंटवारे पर अब तेजी से मंथन होगा. खासतौर से पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, पंजाब और दिल्ली में सीट शेयरिंग का मुद्दा सुलझाने की चुनौती है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को सपा कितनी सीटें देगी? इसका जवाब भी खोजा जाना है. आम आदमी पार्टी की राज्य यूनिट सीट शेयरिंग समझौते के खिलाफ है. इसलिए अब छह सदस्यों की अनौपचारिक समिति इसपर तेजी से मंथन करेगी. समिति के सदस्य मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस), ममता बनर्जी (TMC), अखिलेश यादव (SP), नीतीश कुमार (JDU), शरद पवार (NCP) और अरविंद केजरीवाल (AAP) हैं. 

बंगाल में ममता बनर्जी ढील देने के मूड में नहीं
पश्चिम बंगाल में सीट शेयरिंग को लेकर ममता बनर्जी ढील देने के मूड में नहीं दिखती हैं. ऐसे में सवाल ये है कि क्या TMC, कांग्रेस और लेफ्ट तीनों गठबंधन करेंगे? लेफ्ट पार्टियों की राज्य यूनिट भी सीट समझौते के खिलाफ है. बंगाल की 6 सीटों पर कांग्रेस की नजर है. टीएमसी इतनी सीटें देने को तैयार नहीं है.

महाराष्ट्र में बड़ा भाई बनेगी शिवसेना (UBT)
INDIA गठबंधन के लिए महाराष्ट्र को लेकर भी दिक्कत है. यहां शिवसेना (UBT) बड़ा भाई बनेगी. यानी सीट शेयरिंग के मामले पर शिवसेना (UBT) का जोर रहेगा. कांग्रेस, एनसीपी के शरद पवार और कुछ छोटे दलों में सीटों का बंटवारा होगा.

वहीं, बिहार में जेडीयू-आरजेडी बराबर 17-17 सीटों पर लड़ सकती हैं. कांग्रेस को पांच और लेफ्ट को एक सीट मिल सकती है. झारखंड में कांग्रेस, जेएमएम, आरजेडी और लेफ्ट में सीटों का बंटवारा हो सकता है. दिल्ली और पंजाब में AAP से गठबंधन होगा या नहीं, ये अभी साफ नहीं हो पाया है.


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Mamata Banerjee pitched for Priyanka Gandhi vs PM Modi from Varanasi: Sources

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Tuesday, December 19, 2023

Tamil Nadu rain: 3 dead, schools shut, MK Stalin to meet PM for financial assistance

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Monday, December 18, 2023

'जो उचित समझो वो करो': चीन के साथ तनाव के दौरान रक्षा मंत्री ने पूर्व सेना प्रमुख से कहा था

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पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर रेचिन ला पर्वतीय दर्रे में चीनी सेना द्वारा टैंक और सैनिकों को आगे बढ़ाए जाने से उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 अगस्त, 2020 की रात फैसला तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे पर छोड़ते हुए कहा था, ‘‘जो उचित समझो वो करो''.

अपने संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में नरवणे ने सिंह के निर्देश के साथ-साथ संवेदनशील स्थिति पर उस रात रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) के बीच फोन कॉल की झड़ी का भी जिक्र किया है.

नरवणे ने कहा कि सिंह के फोन के बाद उनके दिमाग में सैकड़ों अलग-अलग विचार कौंध गए. उन्होंने लिखा है, ‘‘मैंने आरएम (रक्षा मंत्री) को स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया, जिन्होंने कहा कि वह रात लगभग साढ़े दस बजे तक मुझसे संपर्क करेंगे, जो उन्होंने किया.''

पूर्व सेना प्रमुख ने लिखा है, ‘‘उन्होंने (रक्षा मंत्री) कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से बात की है और यह पूरी तरह से एक सैन्य निर्णय है. ‘जो उचित समझो वो करो'.''

नरवणे ने कहा, ‘‘जिम्मेदारी अब पूरी तरह से मुझ पर थी. मैंने एक गहरी सांस ली और कुछ मिनटों के लिए चुपचाप बैठा रहा. दीवार पर लगी घड़ी की ‘टिक-टिक' को छोड़कर सबकुछ शांत था.''

उन्होंने लिखा है, ‘‘एक दीवार पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का नक्शा था, दूसरी दीवार पर पूर्वी कमान का. वे अचिह्नित नक्शे थे, लेकिन जैसे ही मैंने उन्हें देखा, मैं प्रत्येक यूनिट तथा फॉर्मेशन के स्थान की कल्पना कर सकता था. हम हर तरह से तैयार थे, लेकिन क्या मैं वास्तव में युद्ध शुरू करना चाहता था?''

संस्मरण में, जनरल नरवणे ने उस रात की अपनी विचार प्रक्रिया को रेखांकित किया है.

उन्होंने उस रात के विचारों का उल्लेख करते हुए लिखा है, ‘‘कोविड महामारी के कारण देश बुरी स्थिति में था. अर्थव्यवस्था लड़खड़ा रही थी, वैश्विक आपूर्ति शृंखला टूट गई थी. कार्रवाई के लंबा खिंचने पर क्या हम इन परिस्थितियों में लंबे समय तक उपकरणों आदि की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित कर पाएंगे?''

नरवणे ने लिखा है, ‘‘वैश्विक क्षेत्र में हमारे समर्थक कौन थे, और चीन तथा पाकिस्तान से क्या खतरा है? मेरे दिमाग में सैकड़ों अलग-अलग विचार कौंध गए.''

उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई युद्ध-खेल नहीं था जो आर्मी वॉर कॉलेज में मिट्टी के बने मॉडल से खेला जा रहा हो, बल्कि जीवन और मरण की स्थिति थी.''

नरवणे ने लिखा है, ‘‘कुछ क्षण शांत विचार के बाद, मैंने उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी को फोन किया. मैंने उनसे कहा कि पहली गोली हम नहीं चला सकते क्योंकि इससे चीन को स्थिति को भड़काने और हमें हमलावर बताने का बहाना मिल जाएगा.''

उन्होंने लिखा है, ‘‘यहां तक ​​कि मुखपरी (कैलाश रेंज पर) में भी पिछले दिन, पीएलए (चीनी सेना) ने ही पहली गोलीबारी की थी (पीएलए द्वारा केवल दो गोलियां और हमारे द्वारा तीन गोलियां दागी गईं). यह मीडिया की नजरों से बच गया था.''

नरवणे ने कहा कि उन्हें लगा कि सेना को यही रुख बरकरार रखना चाहिए.

उन्होंने लिखा, ‘‘इसके बजाय, मैंने उनसे कहा कि हमारे टैंकों की एक टुकड़ी को दर्रे के आगे के ढलानों पर ले जाएं और उनकी बंदूकें दबा दें ताकि पीएलए हमारी बंदूकों की नली पर नीचे की तरफ नजर रखे.''

नरवणे ने लिखा है, ‘‘यह तुरंत किया गया और पीएलए टैंक, जो तब तक शीर्ष से कुछ सौ मीटर के भीतर पहुंच चुके थे, अपने रास्ते पर ही रुक गए.''

उन्होंने लिखा, ‘‘उनके (चीनी सेना) हल्के टैंक हमारे मध्यम टैंकों का कोई मुकाबला नहीं कर सकते थे. यह झांसा देने का खेल था और पीएलए की नजर पहले नीचे की तरफ हुई.''

नरवणे ने लिखा कि पीएलए ने 29-30 अगस्त की मध्यरात्रि मोल्दो से चुटी चांगला के क्षेत्र में पैंगोंग त्सो के दक्षिण तट की ओर सैनिकों को भेजा.

उनके अनुसार, ‘‘शाम तक, वे कैलाश रेंज के क्षेत्र में कुछ सैनिकों को आगे ले गए.''

पूर्व सेना प्रमुख ने अपने संस्मरण में लिखा है कि 30 तारीख की शाम तक, भारतीय सेना पैंगोंग त्सो के उत्तर और दक्षिण तट के साथ-साथ कैलाश रेंज पर मजबूत स्थिति में थी.

उन्होंने कहा, ‘‘पीएलए की प्रतिक्रिया आने में ज्यादा समय नहीं था. 30 तारीख की शाम को ही, उन्होंने कैलाश रेंज क्षेत्र में कुछ सैनिकों को आगे बढ़ाया. वे हमारे स्थानों से लगभग 500 मीटर पहले रुक गए और खुदाई शुरू कर दी.''

नरवणे ने कहा, ‘‘पीएलए के स्थान कम ऊंचाई पर थे और सीधे हमारी निगरानी में थे, वैसे तो, उनसे हमें कोई खतरा नहीं था, लेकिन अगर वे आकर हमारे इलाकों से आगे निकलने या उन्हें घेरने की कोशिश करते, तो हमें कार्रवाई करनी होती. स्थिति तनावपूर्ण थी और बिलकुल भड़कने के कगार पर थी.''

उनका कहना है कि 31 अगस्त को दिन के उजाले में पीएलए की ओर से काफी हलचल देखी गई, जबकि भारतीय सेना ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली थी.

नरवणे के अनुसार, दोपहर के समय, मोल्दो में चीन की तरफ वाले क्षेत्र में पीएलए के बख्तरबंद वाहनों की गतिविधि देखी गई. उन्होंने कहा, ‘‘इसे देखते हुए तारा बेस पर मौजूद हमारे टैंकों को भी रेचिन ला तक जाने का आदेश दिया गया.''

उन्होंने कहा कि कुछ अन्य स्थानों पर भी पीएलए सैनिकों का जमावड़ा देखा गया.

पूर्व सेना प्रमुख ने लिखा है, ‘‘31 अगस्त की रात सवा आठ बजे, जो (जोशी) ने मुझे फोन किया, वह काफी चिंतित थे. उन्होंने बताया कि पैदल सेना के साथ चार टैंक धीरे-धीरे रेचिन ला की ओर बढ़ने लगे हैं.''

नरवणे के अनुसार, ‘‘उन्होंने रोशनी करने वाला गोला दागा, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ. मुझे स्पष्ट आदेश थे कि ‘जब तक कि ऊपर से मंजूरी न मिल जाए', तब तक मैं गोली नहीं चलाऊंगा. इसके बाद अगले आधा घंटे में रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष और मेरे बीच फोन की झड़ी लग गई.''

उन्होंने लिखा है, ‘‘प्रत्येक व्यक्ति से मेरा प्रश्न था, ‘मेरे लिए आदेश क्या हैं?' रात नौ बजकर दस मिनट पर उत्तरी कमान से फिर फोन आया कि टैंक आगे बढ़ रहे हैं और अब चोटी से एक किमी से भी कम दूरी पर हैं.''

नरवणे ने कहा, ‘‘मैंने रात नौ बजकर 25 मिनट पर फिर से रक्षा मंत्री को फोन किया और एक बार फिर स्पष्ट दिशा-निर्देश मांगे. स्थिति तनावपूर्ण थी. टेलीफोन घनघना रहे थे.''

इस बीच, हॉट लाइन संदेशों का आदान-प्रदान हुआ और पीएलए कमांडर मेजर जनरल लियू लिन ने कहा कि दोनों पक्षों को आगे की कोई भी कार्रवाई रोक देनी चाहिए तथा दोनों स्थानीय कमांडरों को अगली सुबह साढ़े नौ बजे दर्रे पर मिलना चाहिए.

नरवणे ने लिखा है कि उन्होंने यह खबर साझा करने के लिए रक्षा मंत्री सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को रात 10 बजे फोन किया.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अभी फोन रखा ही था कि जो (उत्तरी सैन्य कमांडर जोशी) ने रात 10 बजकर 10 मिनट पर एक बार फिर फोन किया.''

नरवणे के अनुसार, ‘‘उन्होंने (जोशी) कहा कि टैंक फिर से ऊपर की ओर बढ़ने लगे हैं और अब केवल 500 मीटर की दूरी पर हैं.''

उन्होंने कहा, ‘‘जोशी ने सिफारिश की कि पीएलए को रोकने का एकमात्र तरीका अपने मध्यम तोपखाने को मुंह खोलना है, जो कार्रवाई के लिए तैयार हैं और इंतजार कर रहे हैं.''

स्थिति को कैसे संभाला गया, यह बताते हुए नरवणे ने कहा, ‘मेरी स्थिति गंभीर थी...'

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When Dawood Ibrahim 'felt very sorry' for gang war killings in Mumbai

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Sunday, December 17, 2023

"चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग वो दिन कभी नहीं भूलेंगे...": 2020 गलवान झड़प पर पूर्व सेना प्रमुख

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थलसेना के पूर्व प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा है कि चीन छोटे पड़ोसियों को डराने-धमकाने के लिए आक्रामक कूटनीति और उकसावे वाली रणनीति अपनाता रहा है, और यही वजह थी कि 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारतीय सेना ने पलटवार करते हुए उसे दिखा दिया कि 'बस! बहुत हो चुका.'

नरवणे ने अपने संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में गलवान घाटी में हुई घातक झड़पों के बारे में कहा कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग 16 जून को कभी नहीं भूलेंगे, क्योंकि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को दो दशक से अधिक समय बाद पहली बार 'घातक पटलवार' का सामना करना पड़ा था.

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 सैनिकों के जान गंवाने को याद करते हुए नरवणे ने कहा, ''यह मेरे पूरे करियर के सबसे दुखद दिनों में से एक था.''

नरवणे 31 दिसंबर, 2019 से 30 अप्रैल, 2022 तक सेना प्रमुख रहे. उनके कार्यकाल का अधिकतर समय विवादित सीमा पर चीन से उत्पन्न चुनौतियों और बल की लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक सुधार उपाय लागू करने पर केंद्रित रहा.

नरवणे ने संस्मरण में लिखा, '16 जून (चीनी राष्ट्रपति) शी चिनफिंग का जन्मदिन है. यह ऐसा दिन नहीं है जिसे वह जल्द ही भूल जाएंगे. दो दशक में पहली बार, चीन और पीएलए को घातक पलटवार का सामना करना पड़ा था.'

उन्होंने लिखा, "वे आक्रामक कूटनीति और उकसाने वाली रणनीति का हर जगह बेधड़क इस्तेमाल करके नेपाल और भूटान जैसे छोटे पड़ोसियों को डराते रहे हैं. इस घटना के दौरान भारत और भारतीय सेना ने दुनिया को दिखाया कि अब बहुत हो चुका." उन्होंने कहा कि भारत ने पलटवार करके यह दिखाया कि वह पड़ोसी की धौंस का जवाब दे सकता है.

'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया' द्वारा प्रकाशित संस्मरण 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' अगले महीने बाजार में आएगी.

प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) नियुक्त नहीं किये जाने पर उन्होंने कहा, "कभी-कभी मुझसे पूछा जाता है कि मुझे सीडीएस क्यों नहीं बनाया गया. मेरी प्रतिक्रिया हमेशा यही रही है कि जब मुझे सेना प्रमुख बनाया था, तब भी मैंने सरकार की समझ पर सवाल नहीं उठाया था, तो अब क्यों उठाता?"

संस्मरण के अंतिम अध्याय 'ओल्ड सोल्जर्स नेवर डाई' के अंत में वह कहते हैं, ''इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस पद से सेवानिवृत्त हुए, बल्कि यह मायने रखता है कि आप किस सम्मान के साथ सेवानिवृत्त हुए.''



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Israel uncovers 'biggest Hamas tunnel' near Gaza border

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North Korea fires short-range missile, condemns US for raising tensions

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BJP's Nishikant Dubey targets Congress, lists Parliament security lapses of past

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Saturday, December 16, 2023

2 women accused of facilitating rape of minor at Uttarakhand juvenile home 

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"अपराध गंभीर है...": अदालत ने चलती ट्रेन में 4 लोगों की हत्या करने वाले RPF कांस्टेबल को जमानत नहीं दी

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एक अदालत ने इस साल जुलाई में चलती ट्रेन में अपने वरिष्ठ सहयोगी और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने के आरोप में बर्खास्त किये गये रेलवे सुरक्षा बल (आपीएफ) के कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी को शनिवार को जमानत देने से इनकार कर दिया. अदालत ने कहा कि अपराध के समय आरोपी ‘बिल्कुल होशो-हवास में' था. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ढिंढोसी अदालत) ए जेड खान ने चौधरी की जमानत अर्जी खारिज कर दी और कहा कि अपराध गंभीर है.

अदालत ने कहा कि चौधरी ने केवल अपने वरिष्ठ की, बल्कि एक खास समुदाय के तीन अन्य को खास तौर पर निशाना बनाते हुए उन्हें मार डाला. उसकी जमानत अर्जी खारिज करते हुए खान ने कहा कि आरोपी ने जो शब्द बोले, उनसे स्पष्ट पता चलता है कि ‘‘वह एक खास समुदाय के लोगों की हत्या करने के दौरान बिल्कुल ठीक-ठाक मानसिक स्थिति में था.''

चौधरी फिलहाल महाराष्ट्र के अकोला की जेल में बंद है और उसे सुनवाई के दौरान अदालत में पेश किया गया था.

उसने पिछले महीने अपने वकीलों अमित मिश्रा और पंकज घिल्डियाल के माध्यम से जमानत याचिका दायर की थी. जिसमें उसने कहा था कि उसे लगता है कि ‘‘उसपर भूतप्रेत की साया'' थी, इसलिए वह ऐसी अजीब हरकत कर रहा था.

इस मामले की जांच कर रही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने यह कहते हुए चौधरी की जमानत अर्जी का विरोध किया कि ऐसा लगता है कि उसके मन में एक खास समुदाय के प्रति ‘गुस्सा एवं द्वेष' है तथा उसने अपने गुनाह को लेकर कोई अफसोस नहीं जताया.

जीआरपी ने यह भी कहा कि यदि उसे जमानत दी जाती है, तो इससे कानून के बारे में नकारात्मक छवि पेश हो सकती है तथा कुछ धार्मिक समूहों में डर और असुरक्षा पैदा हो सकती है.

मृतक असगर शेख की पत्नी उमेशा खातून ने भी चौधरी की जमानत अर्जी का यह कहते हुए विरोध किया कि आरोपी ‘आतंकवादी मानसिकता का व्यक्ति' है तथा वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. खातून ने अपने वकीलों करीम पठान और फजलुररहमान शेख के जरिये अदालत में अपनी बातें रखीं.

महाराष्ट्र में पालघर रेलवे स्टेशन के पास 31 जुलाई को जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में यह घटना घटी थी. चौधरी ने बी 5 कोच में अपने स्वचालित हथियार से गोली चलाकर आरपीएफ के सहायक उपनिरीक्षक टीका राम मीणा तथा एक यात्री की हत्या कर दी थी. उसके बाद उसने पैंट्री कार में एक अन्य यात्री तथा एस 6 डिब्बे में एक और यात्री को मार डाला था.

बाद में यात्रियों ने चेन खींची, तब ट्रेन (मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर) मीरा रोड स्टेशन के समीप रुक गयी। चौधरी ने भागने की कोशिश की थी, लेकिन यात्रियों ने उसे पकड़ लिया था.

अक्टूबर में पुलिस ने चौधरी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. उसके खिलाफ भादंसं, रेलवे अधिनियम तथा महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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Friday, December 15, 2023

Special team to probe Rajasthan paper leaks, women safety primary: Chief Minister

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Thursday, December 14, 2023

"PM लापता के पर्चे, लखनऊ के जूते..." : संसद में हंगामा करने वाले आरोपियों के बारे में पुलिस ने कोर्ट को बताया

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संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने (Parliament Security Breach) के मामले में पुलिस और कमिटी की जांच तेज हो गई है. चारों आरोपियों को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है. वहीं, इस मामले के मास्टरमाइंड ललित झा ने सरेंडर कर दिया है. गुरुवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया. दिल्ली पुलिस ने 15 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट से 7 दिन की रिमांड मिली. पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों के पास से पीएम नरेंद्र मोदी के नाम के पैंपलेट मिले थे. एक पैंपलेट में इन लोगों ने पीएम को लापता बताया था. 

आरोपियों की पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दो लोगों के पास पर्चे थे, जो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देना चाहते थे. इनके पास से लखनऊ के जूते भी मिले हैं. पुलिस ने दावा कि इन्होंने पर्चे में पीएम को लापता बताया था. पुलिस का यह भी दावा है कि आरोपियों ने पीएम की प्रासंगिक जानकारी के लिए स्विस बैंक से कैश प्राइज की पेशकश की थी.

संसद की सुरक्षा में सेंध लगाने के मामले में 6 आरोपी सामने आए थे. आरोपी सागर शर्मा और मनोरंजन डी लोकसभा के अंदर गए थे. दोनों ने हंगामा करते हुए कलर स्मोक छोड़ा. इनके पास से पुलिस को बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के ऑफिस का विजिटर्स पास मिला है. वहीं, संसद के बाहर आरोपी नीलम आजाद और अमोल शिंदे ने प्रदर्शन किया. संसद की सुरक्षा में सेंध की साजिश में दो और लोग शामिल थे. इनमें से एक विक्की शर्मा ने सभी को अपने घर में ठहराया था. उसे पुलिस ने पत्नी समेत हिरासत में ले लिया. हालांकि, पूछताछ के बाद दोनों को गुरुवार देर शाम छोड़ दिया गया. 

मास्टरमाइंड ललित झा का सरेंडर
गुरुवार देर रात इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड ललित झा ने कर्तव्य पथ पुलिस थाने जाकर सरेंडर किया. यहां से उसे स्पेशल सेल के हवाले कर दिया गया है. 

विक्की शर्मा के घर पर रुके थे सभी आरोपी
रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी सागर शर्मा, मनोरंजन डी, नीलम आजाद और अमोल शिंदे दिल्ली जाने से पहले गुरुग्राम में विक्की शर्मा के घर सेक्टर 7 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रुके थे. इनके साथ ललित झा भी था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन सभी की एक-दूसरे से मुलाकात ऑनलाइन साइट पर हुई थी. सभी ने मिलकर संसद में हंगामे की योजना बनाई.


आरोपियों पर लगाया गया UAPA
पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपियों के इरादे अब तक स्पष्ट नहीं हैं. वहीं, स्मोक कनिस्तर खोलने वाले चारों आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वे बेरोजगारी और मणिपुर में जातीय हिंसा जैसे मुद्दों पर संसद और लोगों का ध्यान लाना चाह रहे थे. वो चाहते थे कि संसद में इन मुद्दों पर बहस हो. इस मामले में सभी आरोपी कड़े आतंकवाद विरोधी कानून UAPA और भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत मुकदमों का सामना कर रहे हैं.



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बिहार में कहां-कहां इन्वेस्ट करेगा अदाणी ग्रुप? किस जिले में खुलेगी कौन सी इंडस्ट्री?

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बिहार में इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए गौतम अदाणी ग्रुप (Gautam Adani Group) ने बिहार में बड़े निवेश का ऐलान किया है. अदाणी ग्रुप (Adani Group Investment Plan in Bihar) बिहार के अलग-अलग जिलों में 8700 करोड़ का निवेश करेगी. बिहार के नालंदा,गया, नवादा,सासाराम, रोहतास, पूर्णिया, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर, किशनगंज और अररिया जिले में ग्रुप बड़े प्रोजेक्ट पर पैसा लगाएगी. किसी जिले में सीमेंट प्लांट (Adani Cement Plant) लगाई जाएगी. कहीं पावर प्लांट (Adani Power Plant) खोलने का ऐलान होगा. ऐसा माना जा रहा है कि इस भारी-भरकम निवेश से बिहार में करीब 10 हजार लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा. 

बिहार की राजधानी पटना में आयोजित दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे और अंतिम दिन गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 'बिहार बिजनेस कनेक्ट-2023' के 'प्लेनरी सेशन' की शुरुआत की. कार्यक्रम के दौरान अदाणी एंटरप्राइजेज के डायरेक्टर प्रणव अदाणी ने बिहार के लिए निवेश करने का ऐलान किया. आइए जानते हैं अदाणी ग्रुप बिहार में कहां-कहां निवेश करेगा और कहां कौन सा प्लांट खोला जाएगा?

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कहां लगेगा सीमेंट प्लांट?
देश में इस समय सीमेंट बनाने में अदाणी ग्रुप (Adani Group) का राज है. अब अदाणी ग्रुप ने बिहार में सीमेंट के दो प्लांट लगाने का ऐलान किया है. एक प्लांट नवादा जिले के वारसलीगंज में लगाया जाएगा, जबकि दूसरा महावल में लगाया जाएगा. इसके लिए अदाणी ग्रुप वारसलीगंज और महावल में 2500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी. कंपनी का टारगेट सालभर में इन दोनों प्लांट से 10 मिलियन टन सीमेंट प्रोडक्शन करना है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस निवेश से सिर्फ 3,000 लोगों को नौकरियां मिल सकती हैं.

बता दें कि अंबुजा सीमेंट (Ambuja Cement) भी अदाणी ग्रुप (Adani Group) की है. ग्रुप ने इसी साल ही अंबुजा सीमेंट को सांघी इंडस्‍ट्री लिमिटेड (Sanghi Industries Ltd) से खरीदा था.

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बिहार में आएगी अदाणी विल्मर
अदाणी ग्रुप अपनी FMCG कंपनी यानी अदाणी विल्मर को भी बिहार लाएगी. शुरुआत में ये कंपनी बिहार में चक्की आटा प्लांट, RFM प्लांट, सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट और को-जेन पावर प्लांट लगाएगी. सासाराम और रोहतास में पैडी प्रोसेसिंग प्लांट बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा. ये प्लांट 200 लोगों को रोजगार देने का काम करेंगे.

स्मार्ट मीटर मैन्युफैक्चरिंग में भी उतरेगा ग्रुप
स्मार्ट मीटर मैन्युफैक्चरिंग तीसरा एरिया है, जिसमें अदाणी ग्रुप निवेश कर रहा है. अदाणी ग्रुप पांच शहरों, सीवान, सारण, गोपालगंज, वैशाली और समस्तीपुर में बिजली खपत की निगरानी को ऑटोमैटिक करने के लिए 28 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाएगा. इसके लिए 3100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. इससे तकरीबन 2,000 लोगों को रोजगार देने में मदद मिलेगी.

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सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का होगा विस्तार
अदाणी ग्रुप ने नालंदा और गया में 200 करोड़ के निवेश का ऐलान किया है. ग्रुप का कहना है कि गया और नालंदा में अपने मौजूदा सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करेगा. साथ नए कॉम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट (CNG) और ईवी चार्जिंग सेंटर भी बनाए जाएंगे. इससे 1500 लोगों को रोजगार मिलेगा.

गोदाम और साइलो में बड़ा निवेश
अदाणी ग्रुप ने इसके साथ ही बिहार में गोदामों और साइलो (अनाज भंडारण करने की एक अत्याधुनिक तकनीक) की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की बात कही है. अदाणी ग्रुप का कहना है कि गोदामों की क्षमता लिए 1 लाख वर्ग फुट से बढ़ाकर 65 लाख वर्ग फुट किया जाएगा. इसके लिए 1200 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया जाएगा. पटना में दो बड़े गोदाम बनाए जाएंगे. इससे 2000 लोगों को रोजगार मिलेगा.

अदाणी समूह बिहार में करेगा 8700 करोड़ का निवेश : प्रणव अदाणी

एग्री-लॉजिस्टिक्स में 900 करोड़ का निवेश
अदाणी ग्रुप ने इसके अलावा 6 जगहों पूर्णिया, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर, किशनगंज और अररिया में अपनी स्टोरेज क्षमता को 1 लाख 50 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर 2 लाख 75 हजार मीट्रिक टन करने के लिए एग्री-लॉजिस्टिक्स में 900 करोड़ रुपये का निवेश किया है.
 

अदाणी ग्रुप ने अब तक लगाए 29 मिलियन पेड़, 2030 तक 100 मिलियन का टारगेट



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Suryakumar's century, Kuldeep's 5-wicket haul fire India to series-saving win

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Wednesday, December 13, 2023

India Women vs England, One-off Test: All you need to know

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Health ministry formulated draft menstrual hygiene policy, says Smriti Irani

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Tuesday, December 12, 2023

राज्यों का कोई GST बकाया नहीं, कुछ प्रदेशों ने एजी रिपोर्ट नहीं सौंपी : वित्त मंत्री

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केंद्र ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि किसी भी राज्य का कोई भी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) बकाया उसके समक्ष लंबित नहीं है और कुछ प्रदेश सरकारों ने अपने हिस्से की धनराशि जारी करने के लिए महालेखाकार द्वारा प्रमाणित प्रमाणपत्र जमा नहीं किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि यह विमर्श सही नहीं है कि केंद्र पर राज्यों का जीएसटी बकाया लंबित है और कुछ राज्यों ने महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट नहीं सौंपी है.

उन्होंने कहा, 'यह समझना अहम है कि एजी का प्रमाणन (अनिवार्य) है... अगर एजी का प्रमाण पत्र हमें नहीं मिलता है, तो हम इसे मंजूरी नहीं दे सकते.'

वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ राज्य, एजी का प्रमाण पत्र भेजने के बाद भी केंद्र से तब तक रुकने के लिए कहते हैं जब तक वे इसे अंतिम मंजूरी नहीं दे देते.

वह तृणमूल कांग्रेस सदस्य साकेत गोखले के एक प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, जिन्होंने राज्यों, खासकर पश्चिम बंगाल के जीएसटी बकाया के बारे में सवाल किया था.

वित्त मंत्री ने कहा कि वह विशेष तौर पर कुछ राज्यों के नाम बताएंगी 'ताकि लोगों के मन में कोई संदेह नहीं रहे'.

उन्होंने कहा कि गोवा ने वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए एजी का प्रमाण पत्र जमा नहीं किया है. उसने अब तक वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 की पहली तिमाही की रिपोर्ट भी नहीं भेजी है.

वित्त मंत्री ने कहा, ''2022-23 के लिए कर्नाटक को छोड़कर किसी राज्य ने अभी तक एजी का प्रमाणपत्र नहीं दिया है. पश्चिम बंगाल ने वित्त वर्ष 2019-20 से 2022-23 की पहली तिमाही तक एजी की रिपोर्ट नहीं भेजी है.''

उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल से एजी का प्रमाण पत्र नहीं आया है, इसलिए राशि जारी नहीं की जाएगी. इसे लंबित कहना, उचित नहीं होगा. उन्हें एजी का प्रमाण पत्र भेजने दीजिए, हम इसे मंजूरी दे देंगे.'

वित्त मंत्री ने कहा, 'केरल ने हमें एजी का प्रमाण पत्र भेजा है, लेकिन हमें तब तक रुकने के लिए कहा है जब तक वे एजी के साथ संख्याओं का मिलान नहीं कर लेते। इसलिए हम रुके हुए हैं. यह हमारी ओर से लंबित नहीं है.'

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक अन्य पूरक सवाल के जवाब में कहा कि किसी भी राज्य सरकार का कोई जीएसटी बकाया नहीं है और संबंधित राज्यों को पहले ही राशि जारी की जा चुकी है.

उन्होंने कहा, 'कुछ राज्यों ने अपनी एजी रिपोर्ट नहीं भेजी है, इसके बावजूद हमने कुछ अस्थायी भुगतान किए हैं. एजी की रिपोर्ट मिलने के बाद उन्हें अंतिम भुगतान मिल जाएगा.''

कांग्रेस सदस्य राजीव शुक्ला ने गिरफ्तारी के प्रावधानों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया और सवाल किया कि सरकार जीएसटी ‘फाइलिंग' प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए क्या कदम उठाएगी.

इसके जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद में राज्य सरकारों के वित्त मंत्री शामिल हैं और परिषद को व्यापारियों और व्यापारिक समुदायों के सामने आने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया जा रहा है. उन्होंने कहा, ''जीएसटी परिषद इन चीजों पर चर्चा करती है और समय-समय पर प्रक्रिया को उसी के अनुसार सरल बनाया जाता है.''

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Harvard board backs university president amid anti-Semitism criticism

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Monday, December 11, 2023

Viral video: Ticketless passengers encroach seats in train's AC coach, Railways reacts

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Sunday, December 10, 2023

भारत का प्रदर्शन अनुकरणीय, कुछ वैश्विक संस्थाओं ने इसके साथ अनुचित व्यवहार किया : उपराष्ट्रपति धनखड़

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि कुछ वैश्विक संस्थाओं ने भारत के साथ ‘सर्वाधिक अनुचित' व्यवहार किया है क्योंकि उन्होंने इसके प्रदर्शन का गहन अवलोकन नहीं किया है. उन्होंने उनसे देश में ‘शासन में हुए बड़े बदलाव' पर ध्यान देने का भी आग्रह किया. मानवाधिकार दिवस के अवसर पर यहां एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान की गई उनकी यह टिप्पणी अक्टूबर में जारी ‘वैश्विक भूख सूचकांक-2023' में 125 देशों में भारत के 111वें स्थान पर रहने की पृष्ठभूमि में आई.

धनखड़ ने कहा, ‘‘मैं दुख के साथ कहता हूं, हमें हानिकारक आख्यानों और बाहरी आशंकाओं के प्रति सचेत रहने की जरूरत है जो हमारे अनुकरणीय प्रदर्शन को नजरअंदाज कर देते हैं.''

उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि 1.4 अरब की आबादी वाले देश के बारे में लोग ‘भूख संकट' को लेकर बात करने लगते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘क्या उन्हें एहसास नहीं है कि अप्रैल 2020 से 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है. यही इस देश की ताकत है.''

धनखड़ ने मानवाधिकार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा ‘भारत मंडपम' में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया का कोई भी हिस्सा ‘‘हमारे देश की तरह मानवाधिकारों से इतना समृद्ध नहीं है.''

इस अवसर पर मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 75वीं वर्षगांठ भी मनाई गई. भारत में संयुक्त राष्ट्र के स्थानिक समन्वयक शोम्बी शार्प भी मंच पर उपस्थित थे. शार्प ने अपने संबोधन में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस का संदेश पढ़ा.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धनखड़ ने कहा, ‘‘यह एक संयोग है, यह (मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा की 75वीं वर्षगांठ) हमारे ‘अमृत काल' के बाद आई है और हमारा ‘अमृत काल' मुख्यत: मानवाधिकारों और मूल्यों के फलने-फूलने के कारण हमारा ‘गौरव काल' बन गया है.''

धनखड़ ने कहा, ‘‘हमें (संयुक्त राष्ट्र) महासचिव से एक संदेश प्राप्त करने का अवसर मिला। दुनिया के जिस हिस्से में कुल आबादी का छठा हिस्सा रहता है, उस भारत में मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए हो रहे व्यापक, क्रांतिकारी, सकारात्मक बदलावों पर ध्यान देना उचित और सार्थक है.''

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और मानवाधिकार, दोनों साथ-साथ नहीं रह सकते.

उन्होंने कहा कि दुनिया का कोई भी हिस्सा मानवाधिकारों के लिहाज से भारत जितना समृद्ध नहीं है. उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘और ऐसा क्यों न हो? हमारा सभ्यतागत लोकाचार, संवैधानिक रूपरेखा मानवाधिकारों के सम्मान, सुरक्षा और पोषण के प्रति हमारी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह हमारे डीएनए में है.''

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मानवाधिकार तब मजबूत होते हैं जब ‘‘राजकोषीय संरक्षण के तीव्र विरोधाभास में मानव सशक्तीकरण होता है.''

धनखड़ ने कहा, ‘‘वित्तीय अनुदान से लोगों को सशक्त कर केवल निर्भरता बढ़ती है. तथाकथित मुफ्त चीजों की राजनीति, जिसके लिए हम एक अंधी दौड़ देखते हैं, वह व्यय प्राथमिकताओं को विकृत कर देती है. आर्थिक मामलों के जानकारों के अनुसार, मुफ्त चीजें व्यापक आर्थिक स्थिरता के बुनियादी ढांचे को कमजोर करती हैं.''

उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस बात पर ‘‘राष्ट्रीय स्तर पर बहस'' करने की जरूरत है कि यह राजकोषीय संरक्षण अर्थव्यवस्था, जीवन की गुणवत्ता और सामाजिक सामंजस्य के लिए दीर्घकाल में कितना महंगा है.

धनखड़ ने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है. चाहे आप कितने भी ऊंचे क्यों न हों, कानून हमेशा आपसे ऊपर होता है, यह देश में नया मानदंड है.''

उपराष्ट्रपति ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेह शासन एक नया मानदंड है और यह मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए अहम है.



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"कोई भी बंधक जिंदा नहीं जाएगा, अगर..." : हमास ने दी इजरायल को धमकी

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हमास (Hamas) ने इजरायल (Israel) को धमकी देते हुए कहा है कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो कोई भी बंधक जिंदा नहीं बचेगा. हमास की आर्म्ड विंग के प्रवक्ता अबू ओबेदा ने इजरायल द्वारा बंदी बनाए गए फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई का जिक्र करते हुए एक टीवी रिपोर्ट में कहा, "न तो फासीवादी दुश्मन और उसका अहंकारी नेतृत्व... और न ही उसके समर्थक... किसी आदान-प्रदान और बातचीत की मांगों को पूरा किए बिना अपने कैदियों को जिंदा नहीं ले जा सकते." 

एक दिसंबर को खत्म हुए एक सप्ताह के युद्धविराम के दौरान हमास ने 80 इजरायलियों समेत 105 बंधकों को रिहा किया, इसके बदले में इजरायल ने 240 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया था.

इजरायल ने शनिवार को कहा कि फिलिस्तीनी क्षेत्र में 137 बंधक बचे हैं.

मध्यस्थ कतर ने रविवार को कहा कि नए युद्ध विराम को सुनिश्चित करने और अधिक बंधकों को रिहा करने की कोशिश जारी है, साथ ही चेतावनी दी कि लगातार हो रही इजरायली बमबारी की वजह से सफलता मिलने की संभावना कम हो रही है.

ओबेदा ने कहा कि इजरायली सेना के साथ हमास की जंग जारी रहेगी.

उन्होंने कहा, "हमारे पास हर मोहल्ले, सड़क और गली में इस बर्बर कब्जे करने वाले से लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. दुश्मन का मकसद हमारी ताकत को तोड़ना है... लेकिन हम अपनी भूमि पर एक पवित्र युद्ध लड़ रहे हैं."

गाजा में युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल पर भीषण हमला करते हुए हजारों रॉकेट दागे थे, जिसमें हजारों आम नागरिकों की जान गई. 

हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ इजरायल के जवाबी हवाई, जमीन और समुद्री हमले में कम से कम 17,700 लोग मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश नागरिक हैं.

ये भी पढ़ें :

* अमेरिका के UN में गाजा युद्धविराम का प्रस्ताव रोकने के बाद हमास पर इजरायली हमले तेज, 6 लोगों की मौत
* अरब नेताओं ने 'गाजा के भविष्‍य' पर चर्चा करने से किया इनकार, अमेरिका में बोले- "पहले रुके युद्ध"
* गाजा में तत्काल युद्धविराम वाला UN का प्रस्ताव नहीं हुआ पास, अमेरिका के वीटो की वजह से खारिज



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All about Dheeraj Sahu, Congress MP in focus amid record cash haul in tax raid

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‘Fake, fabricated…’: India on report about Khalistani terrorist Nijjar ‘secret memo’

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Saturday, December 9, 2023

भारत ने बेहद सख्ती और शिद्दत से दिया जवाब : चीन के साथ गतिरोध पर विदेश मंत्री एस जयशंकर

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विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने शनिवार को कहा कि पिछले तीन वर्ष में भारत के समक्ष उत्तरी सीमाओं पर ‘‘असाधारण रूप से कठिन'' चुनौती थी लेकिन देश ने बेहद सख्ती से उसका जवाब दिया है और राष्ट्र की सुरक्षा के जरूरी सैन्य तैनाती भी की हुई है. जयशंकर ने यह बात पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध के संदर्भ में फिक्की में अपने संबोधन में कही. विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि किस प्रकार केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आत्मविश्वास के साथ एक के बाद एक निर्णय लेती है फिर चाहे वे कितने भी कठोर और मुश्किल क्यों न हों. 

जयशंकर ने कहा, ‘‘आप सब जानते हैं कि पिछले तीन वर्ष में चुनौतियों की बात करें तो हमारे समक्ष उत्तरी सीमाओं पर असाधारण रूप से कठिन वक्त था.''

उन्होंने कहा,‘‘हालांकि कि ये कोविड के वक्त में हुआ, फिर भी हमने बेहद सख्ती से और पूरी शिद्दत से इसका जवाब दिया और आज की तारीख में हम हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जिस भी प्रकार से जरूरी है हम डटे हुए हैं.''

जयशंकर ने यह भी बताया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक जागरुकता पैदा करने की कोशिश की या क्वाड की रूपरेखा के तहत सहयोग के लिए आगे बढ़ा, लेकिन उस वक्त एक विमर्श था जिससे कोई असहज हो सकता था. यह परोक्ष रूप से चीन के संदर्भ में था. 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई और असहज महसूस करता है तो यह उनकी समस्या है.''

विदेश मंत्री ने कहा,‘‘आखिरकार हमें जो करना है हम वो करेंगे. फिर चाहने वह कितना भी मुश्किल या कठोर क्यों न हो.”

उन्होंने कहा कि इस प्रकार का रुख हमें ‘‘भारत के तौर पर वर्णित '' करेगा. 

भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का विशेष रूप से उल्लेख किए बिना जयशंकर ने कहा कि ऊर्जा खरीद पर देश की पसंद राष्ट्रीय हितों से प्रेरित थी.

यूक्रेन संघर्ष के मद्देनजर रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने के पश्चिम के दबाव के बावजूद भारत ने ऐसा करना जारी रखा. 

उन्होंने बड़े व्यवसायों से भारत को अपनी आपूर्ति श्रृंखला बनाने में मदद करने का भी आह्वान किया. 

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* "रूस के साथ संबंधों को भारत के लिए बाधा मानना ठीक नहीं" : विदेश मंत्री एस जयशंकर
* बाइडेन के सुरक्षा सलाहकार ने खालिस्तानी आतंकी हत्या की साजिश विवाद के बीच एस जयशंकर से की मुलाकात
* भारत का नेतृत्व और विचार प्रक्रियाएं देश से जुड़े लोगों द्वारा संचालित: जयशंकर



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दिल्ली : प्रोटीन पाउडर खरीदने के लिए युवक ने पूर्व महिला मित्र को किया ब्लैकमेल, मामला दर्ज

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एक युवक ने प्रोटीन पाउडर खरीदने के लिए कथित तौर पर अपनी 19 वर्षीय पूर्व महिला मित्र से उसकी निजी तस्वीरों को इंटरनेट पर प्रसारित करने की धमकी देकर पैसे ऐंठने की कोशिश की. अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि हाल में उसने जिम जाना शुरू किया था और आयातित प्रोटीन पाउडर व अन्य पूरक पोषक खरीदने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी. पुलिस के अनुसार युवती और उसके पिता से जबरन पैसे ऐंठने की कोशिश करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों में एक अभी किशोर है और वह पीड़िता का पूर्व मित्र है. पुलिस के मुताबिक युवती को धमकी देने के लिए अलग सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था.

पुलिस उपायुक्त (उत्तर) मनोज कुमार मीणा ने कहा, "19 वर्षीय एक युवती ने नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की जो साइबर थाने को मिली. युवती ने पुलिस को बताया कि उसे एक अज्ञात व्यक्ति से उसके सोशल मीडिया मंचों पर धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं."

मीणा ने कहा, "पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी धमकी दे रहा है कि यदि उसने उसे पैसे नहीं दिये तो वह उसकी निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल देगा."

पुलिस ने कहा कि आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी और जांच शुरू की गई. 

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Friday, December 8, 2023

CBSE Board Exam 2024: कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड परीक्षा 2024 को लेकर सीबीएसई बोर्ड के कुछ बड़े ऐलान

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CBSE Board Exam 2024 major Announcement: आगामी वर्ष की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने वाली है, जिसके लिए फॉर्म भरे जा चुके हैं और अब छात्रों को सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं, 12वीं परीक्षा 2024 डेटशीट का बेसब्री से इंतजार है. सूत्रों की मानें तो सीबीएसई बोर्ड किसी भी वक्त बोर्ड परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर सकता है. जिसे सीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं के छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in से चेक और डाउनलोड कर सकते हैं. इन सबके बीच आपको बता दें कि इस साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा सीबीएससी कक्षा 10वीं और सीबीएसई कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर कई बड़े बदलाव किए गए हैं. अभी हाल ही में सीबीएसई बोर्ड ने रिजल्ट को लेकर एक बड़ा ऐलान किया था. सीबीएसई ने इस बार बोर्ड परीक्षा पैर्टन, अकाउंटेंसी के आंसर बुक आदि में भी कई बदलाव किए हैं. आइये जानते हैं-

CBSE Board Exam 2024: सीबीएसई बोर्ड ने अगले साल होने वाली बोर्ड परीक्षाओं का किया ऐलान, 10वीं, 12वीं की परीक्षाएं इस तारीख से

अकाउंटेंसी विषय में बड़ा बदलाव

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कहा कि अब बोर्ड ने अकाउंटेंसी विषय में दी जाने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को खत्म करने का निर्णय लिया है. यह निर्णय हितधारकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर लिया गया. यह बदलाव बोर्ड परीक्षा 2023-24 से लागू होगा. बोर्ड ने नोटिस जारी करते हुए कहा, “यह सूचित किया जाता है कि बोर्ड परीक्षा, 2024 से सीबीएसई ने हितधारकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर उन उत्तर पुस्तिकाओं को हटाने का निर्णय लिया है जिनमें अकाउंटेंसी विषय में टेबल दी गई थीं. के विषय में तालिकाएं प्रदान की गई थीं. 2024 परीक्षा से कक्षा 12वीं में अन्य विषयों की तरह सामान्य पंक्ति की उत्तर पुस्तिकाएं अकाउंटेंसी विषय में भी प्रदान की जाएंगी.” 

रिजल्ट पर बड़ा ऐलान 

पिछले हफ्ते सीबीएसई ने रिजल्ट को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है. सीबीएसई ने घोषणा की है कि बोर्ड 2024 में कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को कोई ओवरऑल डिविजन, डिस्टिंक्शन या एग्रीगेट नहीं देगा. यही नहीं बोर्ड परसेंटेज भी नहीं बताएगा. 

सैंपल पेपर 

सीबीएसई बोर्ड ने 2024 में बोर्ड परीक्षा देने वाले कक्षा 10वीं, 12वीं के छात्रों के लिए सैंपल पेपर अपनी आधिकारिक वेबसाइट- cbseacademic.nic.in पर जारी किए हैं. बोर्ड ने कक्षा 10वीं के लिए कुल 60 और कक्षा 12वीं के लिए 77 सैंपल पेपर पत्र जारी किए हैं. 

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बोर्ड परीक्षा साल में दो बार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री, धर्मेंद्र प्रधान ने बोर्ड परीक्षा को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि अब बोर्ड परीक्षाएं एक बार नहीं बल्कि साल में दो बार आयोजित की जाएंगी. छात्र चाहे तो एक और चाहे तो दोनों में भाग ले सकेंगे. दोनों परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ स्कोर को रिजल्ट माना जाएगा. छात्र उन विषयों की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो सकते हैं जिन्हें उन्होंने पूरा कर लिया है और जिनके लिए वे पूरी तरह से तैयार हैं. 

दो भाषाएं

इसके अतिरिक्त, कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को अब से दो भाषाएं पढ़नी होंगी. जिसमें से कम से कम एक भाषा भारतीय भाषा होनी चाहिए. किसी भी विषय के चुनाव में किसी तरह का प्रतिबंध नहीं होगा. छात्रों को विषय का चुनाव करने की पूरी आजादी होगी. 

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Video: Mobile tower collapses in Bengaluru suburb, none injured

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Thursday, December 7, 2023

Dunki Advance Booking: अमेरिका में पहले दिन बिके कुल 30 टिकट, क्या बॉक्स ऑफिस पर कोई तूफान ला पाएगी डंकी

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Dunki Advance Booking: शाहरुख खान की फिल्म डंकी 21 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है. रिलीज को अब कुछ ही दिन बाकी हैं और फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है. पहले फिल्म को ओवरसीज मार्केट में रिलीज किया गया और यहां मिल रहा रिस्पॉन्स फिलहाल जश्न मनाने लायक नहीं है. रिपोर्ट देखकर ऐसा लग रहा है कि अगर रफ्ता यही रही तो विदेशी मार्केट में फिल्म की कलेक्शन ठंडी रह सकती है. लेकिन इतनी जल्दी उम्मीद छोड़ना भी अच्छी बात नहीं. 5 दिसंबर को फिल्म का एक ट्रेलर रिलीज किया गया और इसके बाद एडवांस बुकिंग पर एक पॉजिटिव असर पड़ सकता है.

डंकी की एडवांस बुकिंग

सोशल मीडिया और इंटरनेट पर यही चर्चा है कि काफी समय बाद एक ऐसी फिल्म आ रही है जिसमें जबर्दस्ती का एक्शन, ड्रामा और रोमांस नहीं है. लोग इसे फैमिली एंटरटेनर और इमोशनल कहानी बता रहे हैं.

इंटरनेशनल मार्केट में हो सकती है बढ़त !

  • ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म को 125 जगहों पर रिलीज किया जाएगा. यहां फिल्म के 351 शो होंगे लेकिन हैरानी की बात ये है कि पहले दिन इस फिल्म के केवल 30 टिकट बिके.
  • कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म का ट्रेलर आने के बाद एडवांस बुकिंग के नंबर्स में उछाल आ सकता है. देखना होगा कि इंडियन ऑडियंस के लिए एडवांस बुकिंग कब शुरू होती है.
  • यहां तो शाहरुख खान के फैन्स बेसब्री से इस फिल्म के रिलीज होने का इंतजार कर रहे हैं. हो सकता है कि जल्द ही आपको भी एडवांस बुकिंग का मौका मिल जाए.


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Chennai schools, colleges shut tomorrow as several areas remain flooded

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Wednesday, December 6, 2023

BBC के अगले चीफ के तौर पर भारतीय मूल के समीर शाह ब्रिटेन सरकार की पसंद

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ब्रिटेन की सरकार ने बुधवार को बीबीसी के नए प्रमुख के लिए भारतीय मूल के समीर शाह के नाम को तय किया है.  सरकार ने अनुभवी टीवी पत्रकार समीर शाह को रिचर्ड शार्प के स्थान पर अपनी पसंद के रूप में नामित किया है. रिचर्ड शार्प को अप्रैल में पद से हटा दिया गया था. शाह की नियुक्ति को संसदीय समिति द्वारा अनुमोदित किया जाएगा. सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बीबीसी आर्थिक संकट से गुजर रहा है. बीबीसी ने हाल ही में अपने "न्यूज़नाइट" कार्यक्रम में कटौती की घोषणा की है. 

जानकारी के अनुसार 71 वर्षीय समीर शाह को सरकार के साथ लाइसेंस शुल्क में वृद्धि के लिए बातचीत करने का काम सौंपा जाएगा, जहां से बीबीसी को अधिकांश फंडिंग मिलती है. यूके मीडिया ने हाल ही में बताया कि प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने वार्षिक शुल्क में नौ प्रतिशत की वृद्धि को रोकने की योजना बनाई है, जो वर्तमान में प्रति परिवार £159 ($200) है.  समीर शाह ने 40 से अधिक वर्षों तक टेलीविजन में काम किया है और बीबीसी में करंट अफेयर्स के प्रमुख सहित कई भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने एक बयान में कहा कि उन्हें सरकार का पसंदीदा उम्मीदवार नामित किये जाने पर ''खुशी'' है. 

बीबीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि हम इस घोषणा का स्वागत करते हैं कि समीर शाह को बीबीसी प्रमुख की भूमिका निभाने के लिए सरकार के पसंदीदा उम्मीदवार के रूप में चुना गया है और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बोर्ड में उनके शामिल होने की उम्मीद है. 

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Mumbai courts don't stop working despite floods: Madras High Court Chief Justice

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Tuesday, December 5, 2023

कोलकाता में रहने वाले भारतीय शख्स से शादी करने के लिए भारत पहुंची पाकिस्तानी महिला

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कोलकाता निवासी व्यक्ति से शादी करने के लिए एक पाकिस्तानी युवती ने मंगलवार को वाघा-अटारी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में प्रवेश किया. दोनों की शादी अगले साल जनवरी में होने वाली है. कराची की रहने वाली जावेरिया खानुम ने अमृतसर जिले में अटारी से भारतीय सीमा में प्रवेश किया, जहां उनके मंगेतर समीर खान और उनके परिवार के कुछ सदस्यों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया. पूर्व में, खानुम की दो वीजा अर्जियां रद्द होने और कोविड महामारी के कारण शादी करीब पांच साल टलने के बाद उन्हें 45 दिनों का वीजा प्रदान किया गया है.

अटारी में जोड़े ने एक संक्षिप्त बातचीत में कहा कि शादी अगले साल जनवरी में होगी. खानुम ने कहा, ‘‘मुझे 45 दिनों का वीजा दिया गया है. यहां आकर मैं बहुत खुश हूं. यहां पहुंचते ही, मुझे काफी प्यार मिला. जनवरी के पहले सप्ताह में शादी होगी.'' उन्होंने शादी के लिए भारत की यात्रा संभव होने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दो बार वीजा हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन तीसरे प्रयास में सफलता मिली. उन्होंने कहा, ‘‘यह एक सुखद अंत है और खुशियों की शुरूआत है.''

खानुम ने कहा, ‘‘घर पर (पाकिस्तान में) सभी लोग खुश हैं. मुझे यकीन नहीं हो रहा कि पांच साल बाद मुझे वीजा मिल गया .''उन दोनों का एक-दूसरे से कैसे संपर्क हुआ, इस बारे में खान ने कहा कि उन्होंने अपनी मां के मोबाइल फोन पर खानुम की तस्वीर देखने के बाद उससे शादी करने की इच्छा जताई थी. उन्होंने कहा, ‘‘यह सब मई 2018 में शुरू हुआ. पढ़ाई पूरी कर मैं जर्मनी से घर आया था. मैंने अपनी मां के फोन पर उसकी तस्वीर देखी और अपनी इच्छा जताई. मैंने अपनी मां से कहा कि मैं जावेरिया से शादी करना चाहता हूं.''

खान ने वाीजा के लिए भारत सरकार के प्रति आभार जताया. उन्होंने बताया कि जर्मनी में पढ़ाई के दौरान उनके बहुत से दोस्त बने जो अफ्रीका, स्पेन, अमेरिका तथा कई अन्य देशों से हैं और उन सबके भी शादी में शामिल होने की संभावना है. संवाददाताओं से बातचीत के बाद, यह जोड़ा (खान और खानुम) अमृतसर से कोलकाता की उड़ान में सवार होने के लिए निकल गया

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Sharp plan, extra fuel, avoiding collision: How Isro brought back Chandrayaan-3

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Monday, December 4, 2023

MP विधानसभा चुनाव: मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों में बढ़त ने BJP की जीत में योगदान दिया

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत के पीछे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों में उसका प्रभावशाली प्रदर्शन प्रमुख कारकों में से एक है. भाजपा ने रविवार को मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 में से 163 सीट जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जबकि कांग्रेस सिर्फ 66 सीट पर सिमट गई.

उसने 15 जिलों में फैले मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कुल 66 विधानसभा क्षेत्रों में से 48 में जीत हासिल की. 2018 की तुलना में उसे 20 सीट का फायदा हुआ, जबकि कांग्रेस की संख्या 17 रह गई. रतलाम जिले की सैलाना सीट भारत आदिवासी पार्टी ने जीती है। आदिवासी पार्टी राज्य की राजनीति में एक नयी पार्टी है.

2018 के विधानसभा चुनाव में, मालवा-निमाड़ और ग्वालियर चंबल क्षेत्र ने कांग्रेस का भारी समर्थन किया था, जिसने सत्ता हासिल करने के लिए उस समय राज्य में उसने 114 सीट जीती थीं.

पिछले चुनाव में, कांग्रेस ने मालवा निमाड़ इलाके के 35 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा की संख्या 2013 में जीती गई 57 सीट से घटकर 28 रह गई थी.

इंदौर-1 सीट से जीतने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मालवा निमाड़ से एक प्रमुख चेहरा रहे हैं.

भारतीय जनता पार्टी ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 34 सीट में से आधी से अधिक सीट जीतीं, जहां पूर्व कांग्रेस राजनेता और वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव है. लेकिन जो लोग 2020 में कांग्रेस से बगावत करके पार्टी में शामिल हुए थे, उनमें से कई को इस चुनाव में धूल चाटनी पड़ी.

2018 के चुनाव में जब सिंधिया कांग्रेस में थे तो कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 34 में से 26 सीट जीती थीं। 2023 के चुनाव में कांग्रेस ने सिंधिया की गैरमौजूदगी में 10 सीट भाजपा के हाथों गंवा दीं. भाजपा के पास अब ग्वालियर चंबल से 18 विधायक हैं। उसे बसपा की एक सीट का भी फायदा हुआ है.

इस क्षेत्र के प्रमुख चेहरों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुरैना जिले की दिमनी सीट जीत ली, लेकिन वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने गृह क्षेत्र दतिया में हार गये.

इस बार, भाजपा ने मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख क्षेत्रों-- बुंदेलखंड, विंध्य, महाकौशल और मध्य क्षेत्र (भोपाल और नर्मदापुरम संभाग) शामिल हैं, में अलग-अलग संख्या में सीट जोड़ीं.

भाजपा ने 26 सीट वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में कांग्रेस से चार सीट छीन लीं. अब उसकी सीट बढ़कर 21 हो गईं.

कुल मिलाकर 38 खंडों वाले महाकोशल क्षेत्र में, भाजपा ने अपनी पिछली सीट में आठ सीट जोड़ ली हैं, जिससे नवीनतम सीट की संख्या 21 हो गई है, जबकि कांग्रेस की संख्या पिछली 24 से घटकर 17 हो गई है. कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ का निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाड़ा इसी क्षेत्र में आता है.

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के आदिवासी चेहरे फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला जिले की निवास सीट हार गए, जबकि उनके कैबिनेट सहयोगी प्रह्लाद सिंह पटेल महाकौशल के नरसिंहपुर निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए.

तीस विधानसभा क्षेत्रों वाले विंध्य क्षेत्र में भाजपा ने 25 सीट पर जीत हासिल की है, जबकि एक कांग्रेस से छीन ली है. कांग्रेस की कुल सीट अब पांच हो गई है.

भाजपा नेता और लोकसभा सदस्य गणेश सिंह विंध्य के सतना विधानसभा क्षेत्र से हार गए. मध्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली हाई-प्रोफाइल बुधनी सीट सहित 36 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, वहां भाजपा ने कांग्रेस से सात सीट छीनकर कुल 31 सीट जीती हैं.

मध्य क्षेत्र में कांग्रेस का संख्याबल, जिसमें भोपाल और नर्मदापुरम राजस्व मंडल शामिल हैं, 2018 में 12 की तुलना में इस बार घटकर पांच हो गया.

भाजपा को इस बार 48.55 फीसदी वोट मिले हैं, जो 2018 की तुलना में सात फीसदी से ज्यादा है. 2018 के चुनाव में पार्टी को 41.02 फीसदी वोट मिले थे.

दूसरी ओर, कांग्रेस का वोट शेयर 40.89 प्रतिशत (2018) के मुकाबले लगभग 40.40 प्रतिशत पर ही रहा, जबकि उसकी सीट 114 से गिरकर 66 सीट पर आ गईं.

य़े भी पढ़ें- "कांग्रेस को चिंतन करना होगा..." : छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली हार पर बोले पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंह देव



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Sunday, December 3, 2023

मध्य प्रदेश : शिवराज कैबिनेट के 10 से ज्यादा मंत्री हारे चुनाव

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 मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो तिहाई बहुमत मिल गया है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश की 230 विधानसभा सीट में से भाजपा के उम्मीदवार 159 सीट जीत चुके हैं जबकि चार सीट पर आगे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने अब तक 63 सीट पर जीत दर्ज की है और वह तीन सीट पर आगे चल रही है. भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने के साथ ही अपने विधायकों की संख्या बढ़ाने में सफल रही जबकि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के 10 से अधिक मौजूदा मंत्री पराजित हो गए हैं.

जिन अन्य प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उनमें अटेर से अरविंद भदोरिया, हरदा से कमल पटेल और बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन शामिल हैं. इनके अलावा हारने वाले मंत्रियों में बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पोहरी से सुरेश धाकड़ और परसवाड़ा से रामकिशोर कावरे शामिल हैं. एक अन्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से हार का सामना करना पड़ा.

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Madhya Pradesh Assembly Election Results 2023: Full list of winners

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5th T20I: Mukesh Kumar, Shreyas Iyer guide India to commanding 4-1 series victory

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Saturday, December 2, 2023

बीजेपी सांसद सनी देओल ने पंजाब के गुरदासपुर क्षेत्र के मतदाताओं को ‘धोखा’ दिया : अरविंद केजरीवाल

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आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं को “धोखा देने” के लिए भाजपा सांसद सनी देओल की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे “बड़े लोग” लोगों के कल्याण के लिए कुछ नहीं करेंगे. उन्होंने लोगों से 2024 के लोकसभा चुनावों में ‘आम आदमी' के लिए वोट करने को कहा. केजरीवाल ने विश्वास जताया कि पंजाब में उनकी पार्टी को मिल रहे “प्यार और आशीर्वाद” को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) राज्य में अगले साल आम चुनाव में सभी 13 संसदीय सीटें जीतेगी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके पंजाब के समकक्ष भगवंत मान ने यहां अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सहित 1,854 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू कीं.

'आप' के राष्ट्रीय संयोजक ने सांसद सनी देओल की उनके निर्वाचन क्षेत्र से “अनुपस्थिति” पर भी निशाना साधा. उन्होंने देओल पर गुरदासपुर के मतदाताओं को धोखा देने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने कहा, “पिछली बार, आपने (इस सीट से) सनी देओल को चुना था. क्या वह कभी आए थे? क्या आपने कभी उनका चेहरा देखा है? वह कभी नहीं आए.”

केजरीवाल ने लोगों से लोकसभा चुनाव में 'आप' के लिए वोट करने की अपील करते हुए कहा, “हमने सोचा कि वह एक बहुत बड़े अभिनेता हैं और उन्हें वोट देंगे तो वह कुछ करेंगे. इतने बड़े लोग कुछ नहीं करेंगे. ‘आम आदमी' को वोट दें, वह आपके लिए कुछ करेगा और वह आपका फोन उठाएगा.”

इससे पहले, मान ने भी लोकसभा चुनाव के बाद निर्वाचन क्षेत्र की अनदेखी के लिए सांसद देओल की आलोचना की थी. मान ने कहा कि ऐसे लोग असंवेदनशील हैं और उन्हें आम आदमी से कोई सहानुभूति नहीं है.

उन्होंने कहा, “वह (देओल) अपनी फिल्म की सफलता के लिए स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने आए, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने की जहमत नहीं उठाई, जो सिर्फ 40 किमी दूर है. ऐसे लोग आम लोगों का दर्द नहीं समझ सकते.”



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बिग बॉस 17 में फिजिकल होने पर शो से बाहर हुआ ये कंटेस्टेंट! फूट फूटकर रोए अभिषेक कुमार, फैंस बोले- इंसाफ होना चाहिए

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Bigg Boss 17 Promo: बिग बॉस के घर में वीकेंड आते-आते कोई ना कोई बड़ा हंगामा हो ही जाता है. इस बार वीकेंड के वार से पहले जो तहलका बिग बॉस के घर में मचा वो इस सीजन अब तक नहीं हुआ है. दरअसल, तहलका यानी की सनी आर्या और अभिषेक कुमार के बीच झगड़े की कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें अभिषेक चिल्लाते हुए दिख रहे हैं, तो वहीं सनी आर्या फिजिकल होते हुए नज़र आ रहे हैं. इस पर कहा जा रहा है कि तहलका को शो से बाहर निकाल दिया गया है, हालांकि इस पर अभी तक कंफर्मेशन नहीं आई है.

करण जौहर देंगे सनी को सजा 

बिग बॉस 17 के वीकेंड के वार में इस बार सलमान खान की जगह करण जौहर होस्ट करते हुए नजर आएंगे. इससे जुड़ा एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसमें सबसे पहले करण जौहर अंकिता लोखंडे और मन्नारा चोपड़ा की क्लास लगाते नजर आएंगे, तो इसके बाद सनी आर्या की सजा का ऐलान करेंगे. कहा जा रहा है कि अभिषेक कुमार के साथ फिजिकल होने के बाद उन्हें शो से बाहर कर दिया जाएगा. इससे पहले भी कई बार बिग बॉस सनी को चेतावनी दे चुके हैं, मगर तहलका अपना एग्रेसिव बिहेवियर सुधार नहीं पा रहे हैं.

यूजर्स बोले -अच्छा है शो से 'तहलका' गया 

सोशल मीडिया पर सनी आर्या के बाहर जाने की खबर तेजी से वायरल हो रही है और इस पर यूजर्स भी तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. एक ने लिखा कि अच्छा फैसला हुआ. एक अन्य ने लिखा, यार बिग बॉस को ऐसा नहीं करना चाहिए था. एक ने लिखा कि यह बंदा बहुत ज्यादा ओवर रिएक्ट करता है.

जम्मू-कश्मीर के युवाओं को रोजगार के अवसर दिलाने के लिए सेना ने की पहल

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जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आबादी पर सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिशों के तहत भारतीय सेना ने एक और दो दिसंबर को चिनार नौजवान क्लब, बोनियार में दो दिवसीय जॉब फेयर का आयोजन किया. इसका उद्देश्य रोजगार के अवसर तलाश रहे स्थानीय युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है. नियोक्ताओं की और से करीब 600 नौकरियों के ऑफर थे, जॉब फेयर में इसके लिए राज्य के करीब 2500 युवा पहुंचे.

यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के रोजगार निदेशालय के सहयोग से आयोजित किया गया. निदेशालय केंद्र शासित प्रदेश और बाहर के नियोक्ताओं को एक साथ लाया. इससे उम्मीदवारों को खेती, बागवानी, पशुपालन और हथकरघा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां तलाशने का मौका मिला.

जॉब फेयर स्व-रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थागत योजनाओं और सभी उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी देने में भी सफल रहा. कई निजी फर्मों ने भी जॉब फेयर में भाग लिया. यह फर्में कुशल और अकुशल दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर देती हैं.

नवनिर्मित आईटी लैब की सुविधा का उपयोग करके साइट पर विभिन्न नियोक्ताओं ने ऑनलाइन इंटरव्यू भी आयोजित किए. यह जॉब फेयर क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सेना और नागरिकों के बीच सामंजस्यपूर्ण बंधन को और मजबूत करने के समग्र दृष्टिकोण में भारतीय सेना का नया कदम है.



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Litmus test awaits BJP, Congress as counting of votes in 4 states tomorrow

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Friday, December 1, 2023

Animal Twitter Review: एनिमल का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने गए फैंस ने दे दिया रिव्यू, जानें सोशल मीडिया पर किसने क्या कही बात

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Animal Social Media Review: एनिमल की चर्चा बीते कुछ दिनों से चली आ रही है, जिसका कारण रणबीर कपूर का वाइलेंट लुक और धमाकेदार एक्शन है. वहीं फिल्म को ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद लोगों की एक्साइटमेंट इसलिए भी बढ़ गई है कि एनिमल की कहानी (Animal Story) क्या है? एनिमल का रिव्यू (Animal Review) कैसा होगा? अब जब 1 दिसंबर को फिल्म रिलीज हो गई है तो सोशल मीडिया पर एनिमल का फर्स्ट डे फर्स्ट शो (Animal First Day First Show) देखने गए दर्शकों ने फिल्म का फर्स्ट हाफ कैसा था और फिल्म का रिव्यू कैसा है. यह बता दिया है. 

एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, एनिमल की शुरुआत रणबीर मोंटाज लुक से होती है और इसके बाद बचपन का एपिसोड आता है. ब्लड बाथ की तर्ज पर बताई गई पिता पुत्र की कहानी. कभी बोर नहीं होने देती. एक्शन का भरपूर आनंद.

दूसरे यूजर ने एनिमल का एक सीन शेयर करते हुए लिखा, जबरदस्त पहला हाफ...

तीसरे यूजर ने लिखा, सिनेमा नेक्स्ट लेवल भय्या. रणबीर स्वैग आह कैरेक्टर मास एंट्री. बीजीएम वेरी लेवल.  इनका फर्स्ट हाफ पागल कर देता है. बॉबी देओल जबरदस्त..

बता दें, एनिमल में रणबीर कपूर के अलावा बॉबी देओल, अनिल कपूर और रश्मिका मंदाना अहम किरदार में नजर आ रहे हैं. जबकि फिल्म का बजट कुल 100 (Animal Budget) करोड़ बताया जा रहा है. वहीं कहा जा रहा है कि पहले दिन का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस (Animal Worldwide Box Office Day 1) के साथ ही एनिमल बजट की कमाई हासिल कर लेगी. 



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Thursday, November 30, 2023

राजस्थान और MP में खिलेगा 'कमल', छत्तीसगढ़ में 'हाथ' को बहुमत, तेलंगाना और मिजोरम में उलटफेर; NDTV Poll of Polls

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  1. पोल ऑफ पोल्स के तहत, मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों में बीजेपी को 124 सीटें मिलने का अनुमान है. यानी बीजेपी राज्य में सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बनेगी. मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 102 सीटें मिलने का अनुमान है. BSP+ के खाते में जीरो सीट और अन्य पार्टियों के खाते में 4 सीटें जाती दिख रही हैं. मध्य प्रदेश में बहुमत का आंकड़ा 116 है. 
  2. NDTV पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की सभी 90 सीटों के नतीजे सामने हैं. इनमें से कांग्रेस को 49 सीटें मिलती दिख रही हैं. यानी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की फिर से सरकार बनने का अनुमान है. जबकि बीजेपी को 38 सीटें मिलती दिख रही हैं. यानी छत्तीसगढ़ में बीजेपी का इंतजार 5 साल के लिए बढ़ सकता है. दूसरी पार्टियों की बात करें, तो BSP+ के खाते में जीरो सीट जाती दिख रही हैं. जबकि अन्य के खाते में 3 सीटें मिलने का अनुमान है. छत्तीसगढ़ में बहुमत का आंकड़ा 46 है.
  3. NDTV पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, राजस्थान में सत्ता बदलने का रिवाज बरकरार रह सकता है. यानी जनता ने इस बार कांग्रेस को छोड़कर बीजेपी पर भरोसा जताया है. पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, राजस्थान की 199 सीटों में से बीजेपी को 104 सीटें मिलती दिख रही हैं. इसका मतलब साफ है कि बीजेपी को राज्य में पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान है. इसके साथ ही कांग्रेस + को 85 सीटें मिलती दिख रही हैं. अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए तो अशोक गहलोत को सीएम की कुर्सी गंवानी पड़ सकती है. राज्य में बहुमत का आंकड़ा 101 है. बता दें कि राजस्थान की कुल 200 सीटों में से एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के निधन के कारण चुनाव स्थगित हो गए हैं.
  4.  पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम की बात करें, तो यहां जोरम पीपुल्स मूवमेंट यानी ZPM की सरकार बनती दिख रही है. 74 वर्षीय पूर्व आईपीएस अधिकारी लालदुहोमा के नेतृत्व में ZPM के पक्ष में ज़बरदस्त लहर है. NDTV पोल ऑफ पोल्स के मुताबिक, ZPM को कुल 40 में से 17 सीटें मिलती दिख रही हैं. जबकि मौजूदा सत्ताधारी पार्टी जोरमंथागा की MNP के हिस्से में 14 सीटें जाती दिख रही हैं. 7 सीटों के साथ कांग्रेस तीसरी पार्टी बनकर उभर सकती है. भगवा पार्टी बीजेपी के खाते में 1 सीट मिलने का अनुमान है. जबकि अन्य के खाते में 1 सीट जाने का अनुमान लगाया गया है. यहां बहुमत का आंकड़ा 21 है.
  5. दक्षिण राज्य तेलंगाना में इसबार बड़ा उलटफेर होने के आसार दिख रहे हैं. तेलंगाना की 119 सीटों में के चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (BRS) को 44 सीटें मिलने का अनुमान है. कांग्रेस + के खाते में 62 सीटें जाती दिख रही हैं. यानी अगर एग्जिट पोल के नतीजे सही साबित हुए तो केसीआर को राज्य बनने के बाद से पहली बार सत्ता गंवानी पड़ सकती है. तेलंगाना में बीजेपी की बात करें, तो इसे BJP+ को 7 सीटें मिलने का अनुमान है. वहीं, ओवैसी की पार्टी AIMIM के खाते में 5 सीटें जा सकती हैं. जबकि अन्य को 1 सीट मिल सकती है.
  6. बागी नेताओं की बात करें तो राजस्थान के बागी और निर्दलीय प्रत्याशी 10 से 15 सीटें ला सकते हैं, लेकिन 2018 की तरह किंगमेकर नहीं बन पाएंगे. क्योंकि बीजेपी पूर्ण बहुमत अपने दम पर लाती दिख रही है.
  7. मध्य प्रदेश में भी निर्दलीय और बागी 15 सीटों के साथ किंगमेकर बन सकते हैं. यहां लगभग 2018 के नतीजों जैसी ही स्थिति है. उस समय कांग्रेस ने निर्दलीय और बागियों के समर्थन से सरकार बनाई थी.
  8.  छत्तीसगढ़ में भी दोनों मुख्य पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के बागी, अमित जोगी की जनता कांग्रेस और निर्दलीय करीब 10 सीटें पा सकते हैं, लेकिन सरकार बनाने में इनकी कोई भूमिका नजर नहीं आती.
  9. मिजोरम में अगला सीएम कौन होगा, इसे लेकर भी स्थिति साफ दिख रही है. 40 फीसदी लोगों की पसंद लालदुहोमा हैं. वहीं मौजूदा सीएम जोरमथांगा को सिर्फ 17 फीसदी लोगों ने बतौर अगला मुख्यमंत्री पसंद किया है.
  10. मिजोरम में 7 नवंबर को वोटिंग कराई गई थी. छत्तीसगढ़ में दो चरणों में 7 नवंबर और 17 नवंबर को मतदान हुआ. मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को वोट डाले गए. राजस्थान में 25 नवंबर को मतदान कराए गए. तेलंगाना में 30 नवंबर को वोटिंग हुई.


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