PM Modi to lead Yoga Day celebrations with people from over nations at UN HQfrom India Today | Latest Stories https://ift.tt/4PIFQUq
एक बार फिर कियारा आडवाणी और कार्तिक आर्यन बड़े पर्दे पर लोगों का एंटरटेनमेंट करने के लिए तैयार हैं और जल्द ही उनकी फिल्म सत्यप्रेम की कथा बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है. फिल्म के प्रमोशन में दोनों इन दिनों बिजी चल रहे हैं. लेकिन ये क्या एक तरफ कियारा मूवी का प्रमोशन कर रही हैं, तो दूसरी तरफ उनकी तरह दिखने वाली ये लड़की सोशल मीडिया पर छाई हुई है. कियारा की इस हमशक्ल के न सिर्फ नैन नक्श उनकी तरह, हैं बल्कि इस लड़की ने उनके लुक्स को भी हूबहू कॉपी कर लिया है. इस हमशक्ल को देखकर आप हम क्या एक पल के लिए खुद सिद्धार्थ मल्होत्रा कंफ्यूज हो जाएंगे.
इस फोटो को जरा ध्यान से देखिए ग्रीन कलर की वेलवेट साड़ी पहने सिंपल सोबर मेकअप किए इस लड़की की पहली ही झलक आपको कियारा आडवाणी की तरह लग रही होगी? लेकिन आपको बता दें कि ये कियारा आडवाणी नहीं बल्कि उनकी तरह दिखने वाली उनकी हमशक्ल ऐश्वर्या सिंह धरगोत्रा है, जो अपने लुक क्रिएशन को लेकर सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं. इंस्टाग्राम पर ऐश्वर्या के एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जिनके लिए अक्सर वो कियारा और बाकि सेलेब्स जैसा लुक कैरी करके तस्वीरें या वीडियो शेयर करती रहती हैं.
कियारा आडवाणी का रिसेप्शन और वेडिंग लुक बेहद खूबसूरत था. उन्होंने बहुत ही सिंपल मेकअप और हैवी ज्वेलरी पहनी थी. अब जरा ऐश्वर्या के इस वीडियो को देख लीजिए, जिसमें वो कियारा आडवाणी के रिसेप्शन लुक को रीक्रिएट करती नजर आ रही है. उन्होंने कियारा की तरह ड्रेस पहनी, हूबहू कियारा की तरह मेकअप किया और ज्वेलरी भी कुछ उसी तरह से मिलती-जुलती पहनी हैं.
इतना ही नहीं ऐश्वर्या नाम की ये लड़की कियारा के आईकॉनिक वेडिंग लुक को भी रीक्रिएट कर चुकी हैं. जिसमें उन्होंने पीच कलर का लहंगा कैरी किया था. इस वीडियो में देखिए किस तरह से वो कियारा आडवाणी की तरह मेकअप करके खूबसूरत पोज दे रही हैं. सोशल मीडिया पर कियारा की हमशक्ल ऐश्वर्या सिंह धरगोत्रा की कई सारी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होते हैं और लोग उन्हें कियारा की सेकेंड कॉपी बताते हैं.
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मुंबई में चलती उपनगरीय ट्रेन में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का शिकार हुई 20 वर्षीय छात्रा ने जोरदार पलटवार करते हुए हमलावर को भागने पर मजबूर कर दिया. पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि घटना बुधवार सुबह मध्य रेलवे के हार्बर लाइन गलियारे पर हुई, जिसके बाद छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
प्राथमिकी दर्ज होने के चार घंटे के अंदर बिहार के किशनगंज के रहने वाले आरोपी नवाजु करीम शेख (40) को गिरफ्तार कर लिया गया. उसपर बलात्कार का आरोप लगाया गया है.
महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता अजित पवार ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और आक्रोश प्रकट करते हुए आरोपी को तुरंत सजा देने की मांग की.
एक अधिकारी ने बताया कि घटना सुबह करीब साढ़े सात बजे छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) और मस्जिद रेलवे स्टेशन के बीच हुई, जब मुंबई में गिरगांव की रहने वाली पीड़िता परीक्षा देने के लिए नवी मुंबई में अपने कॉलेज जा रही थी.
अधिकारी ने कहा कि पीड़िता पनवेल जाने वाली ट्रेन की महिला बोगी में अकेली बैठी हुई थी और जैसे ही ट्रेन सीएसएमटी स्टेशन से रवाना होनी शुरू हुई, आरोपी बोगी में दाखिल हुआ.
उन्होंने कहा कि आरोपी ने छात्रा को डिब्बे में अकेला पाकर उसे अपना निशाना बनाया और उसका यौन उत्पीड़न करने लगा, लेकिन पीड़िता ने इसका विरोध किया और मदद के लिए चिल्लाई. युवती ने हमलावर के चंगुल से खुद को छुड़ाने के लिए बहादुरी से उसका मुकाबला किया.
अधिकारी ने कहा कि जैसे ही ट्रेन सीएसएमटी के बाद पहले पड़ाव मस्जिद स्टेशन पहुंची, आरोपी आनन-फानन में उतरकर भाग गया. उन्होंने कहा कि इसके बाद छात्रा अगले डिब्बे में गई और यात्रियों को घटना के बारे में बताया. इसके बाद रेलवे पुलिस हेल्पलाइन 1512 पर फोन किया गया.
अधिकारी ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने घटना का संज्ञान लेते हुए छात्रा से संपर्क किया. छात्रा को वाशी रेलवे स्टेशन पर उतारा गया और पुलिसकर्मियों ने उसकी काउंसलिंग की. उन्होंने कहा कि चूंकि छात्रा सदमे की स्थिति में थी, इसलिए पुलिस की एक टीम उसके कॉलेज गई और उसकी परीक्षा स्थगित करा दी.
इसके बाद पीड़िता ने सीएसएमटी रेलवे थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376 (बलात्कार) के तहत मामला दर्ज किया गया. अधिकारी ने कहा कि पुलिस हरकत में आई और आरोपी की पहचान करने व उसे पकड़ने के लिए चार टीमों का गठन किया.
उन्होंने कहा कि निगरानी कैमरों से फुटेज का विश्लेषण करने और तकनीकी जानकारी पर काम करने के बाद आरोपी का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजित पवार ने इस घटना पर आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय है और राज्य के गृह विभाग के कामकाज पर सवालिया निशान लगाती हैं. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जांच तेजी से पूरी होनी चाहिए और दोषी को सजा मिलनी चाहिए.
Cyclone Biparjoy : चक्रवाती तूफान 'बिपरजॉय' जिसका अर्थ तो 'आपदा' है, लेकिन यह गुजरात के तटीय इलाकों में करीब 300 परिवारों के लिए खुशी लेकर आया है. कच्छ के कलेक्टर अमित अरोरा ने NDTV को एक खास इंटरव्यू में बताया कि लगभग 270 गर्भवती महिलाओं को चक्रवात से पहले एहतियात के तौर पर विभिन्न अस्पतालों में ले जाया गया और उनका सुरक्षित प्रसव कराया गया.
अरोरा ने कहा, "हमने गर्भवती 512 महिलाओं को अस्पतालों में भर्ती कराया. उनमें से 274 ने बच्चों को जन्म दिया और घर चली गईं. बाकी अभी अस्पतालों में भर्ती हैं."
गर्भवती महिलाओं को दो दिन पहले ही अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया था. चक्रवाती तूफान ने आज शाम को दस्तक दी.
कच्छ के कलेक्टर अमित अरोरा ने कहा कि, ''हवा की गति बढ़ गई है और लैंडफॉल सभी जगह हो रहा है. संभावना है कि कुछ स्थानों पर रात में लैंडफॉल होगा. मेरा मानना है कि अब तक सारे हालात नियंत्रण में हैं. कोई भी बड़ी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की आशंका नहीं है. हमने समय रहते लोगों को (समुद्र तट के करीब से) हटा लिया है.''
उन्होंने कहा कि, ''कुछ मामूली नुकसान हुआ है. करीब 200 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं. हमने पांच तहसीलों में एहतियात बरतते हुए पर्याप्त इंतजाम किए हैं. हमने पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए 47 जनरेटर लगाए हैं. ''
अरोरा ने कहा कि, ''हम मोबाइल एजेंसी से लगातार समन्वय बनाए हुए हैं. हम इंटरडिपार्टमेंट रोमिंग कम्युनिकेशन बनाए हुए हैं. व्यवस्थाएं 17 जून तक के लिए की गई हैं. इसके अलावा जिले में मोबाइल टॉवर कंपनियों के 500 जनरेटर लगाए गए हैं. एग्रीगेट टावर भी काम कर रहे हैं. इससे सभी गांवों में कम्युनिकेशन हो रहा है. कोई भी गांव ऐसा नहीं है जहां मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं है.''
उन्होंने कहा कि, ''कोशिश यही है कि कोई कैजुअल्टी न हो. हमने करीब 25 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है. हम साइक्लॉन के खत्म होने का इंतजार करेंगे औप उसके बाद ही नुकसान का आकलन करेंगे.''
पूर्व में इन हालात में हुए नुकसान के बारे में सवाल पर अरोरा ने कहा कि, ''हम कोई भविष्यवाणी तो नहीं कर सकते लेकिन हमने हम आने वाली हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन इलाकों को, जहां तूफान सबसे ज्यादा असर दिखा सकता है, हमने पूरी तरह खाली करा लिया है. हमने करीब 52 हजार लोगों को शेल्टर कैंपों में शिफ्ट कर दिया है. तटीय इलाके से मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है.''
उन्होंने कहा कि, ''हमारी मूलभूत कोशिश है कि कोई भी जनहानि न हो और जितनी जल्द संभव हो जनजीवन सामान्य हो जाए. मेडिकल सुविधाएं और आरामदेह शेल्टर होम की सुविधा देना हमारी प्राथमिकता है. शेल्टर होम में जनरेटर, मिल्क पाउडर उपलब्ध कराया जा रहा है.''
अरोरा ने कहा कि, ''मुझे यह बताते हुए खुशी हो रहा है कि हमने चक्रवात के आने से पहले 512 गर्भवती महिलाओं को तटीय क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. उनमें से 274 ने अस्पतालों में बच्चों को जन्म दिया है. हमने उन सभी गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया है.''
कोलकाता (Kolkata) के नेताजी सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट (Netaji Subhash Chandra Bose Airport) पर सिक्योरिटी चेक इन एरिया में बुधवार रात को आग लग गई. सामने आए चेक-इन एरिया के एक हिस्से में आग की लपटें उठती देखी जा सकती है. एयरपोर्ट के अधिकारी इस एरिया से लोगों को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं. आग रात करीब 9 बजकर 10 मिनट पर लगी. आग लगने के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई. हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. आग पर काबू पा लिया गया है.
जानकारी के मुताबिक, आग डी पोर्टल के चेक-इन काउंटर के पास लगी. इस घटना के सामने आए वीडियो में आग की लपटों को बुझाने के लिए अग्निशमन दस्ता जुटा नजर आ रहा है. साथ ही एयरपोर्ट से आग की लपटें उठती और धुंए का गुबार उठता भी दिखाई दे रहा है. अधिकारियों ने कहा कि दमकल की कम से कम तीन गाड़ियां मौके पर पहुंची और स्थिति नियंत्रण में है.
कोलकाता एयरपोर्ट की ओर से कहा गया है कि चेक-इन एरिया में लगी आग को पूरी तरह से बुझा दिया गया है और सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. वहीं धुंए की वजह से एयरपोर्ट स्टॉफ को भी टर्मिनल बिल्डिंग से निकाला गया है.
आग लगने के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है. हालांकि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल पहले ही तरह ही कामकाज शुरू हो गया है.
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गूगल को यूरोपीय यूनियन (European Union) से बड़ा झटका लगा है. कंपनी पर आरोप है कि उसके द्वारा एंटी-कॉम्पिटेटिव प्रैक्टिसेज की जा रही है. यूरोपीय यूनियन की कार्यकारी शाखा यूरोपीय कमीशन इसे लेकर गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पर उसके वार्षिक लाभ का 10 प्रतिशत तक जुर्माना लगा सकती है. 27 देशों के यूरोपीय यूनियन की तरफ से गूगल पर चौथी बार यह आरोप लगा है कि उसने ऑनलाइन विज्ञापन खरीदने और बेचने के लिए बाजार पर अपने नियंत्रण का दुरुपयोग किया है. गूगल पर यूरोपीय कमीशन से पहले अमेरिका में भी अवैध रूप से ऑनलाइन विज्ञापन पर एकाधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगा था. ब्रिटेन की एंटी ट्रस्ट अथॉरिटी भी गूगल की इस मुद्दे पर जांच कर रही है. यूरोपीय नियामकों ने 2 साल पहले गूगल की जांच शुरू की थी.
गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट पर पड़ेगा प्रभाव
यूरोपीय कमीशन के इस फैसले का गूगल की मूल कंपनी, अल्फाबेट पर काफी प्रभाव पड़ने की संभावना है. अल्फाबेट ने पिछले साल अपने 60 बिलियन डॉलर का अधिकांश लाभ विज्ञापन से ही प्राप्त किया था. बताते चलें कि सर्च इंजन, ईमेल, मैप सहित गूगल की लगभग सभी लोकप्रिय सेवाओं को ऐड से सबसे अधिक लाभ होता रहा है. जिस कारण कंपनी इसे उपभोक्ताओं को निःशुल्क उपलब्ध करवाती रही है.
यूरोपीय कमीशन ने क्या कहा?
यूरोपीय कमीशन के कार्यकारी उपाध्यक्ष मार्ग्रेथ वेस्टेगर ने एक बयान में कहा है कि गूगल तथाकथित एडटेक सप्लाई चेन के लगभग सभी स्तरों पर मौजूद है. उन्होंने कहा कि हमारी चिंता यह है कि कंपनी ने मार्केट में अपनी पकड़ का लाभ अपने सभी सर्विस को बढ़ाने के लिए किया होगा. उन्होंने कहा कि गूगल के इस तरह के कार्य से न सिर्फ इसके प्रतिस्पर्धियों को बल्कि प्रकाशकों के हितों को भी नुकसान पहुंचा है और विज्ञापनदाताओं को भी विज्ञापन के लिए अधिक खर्च करने पड़े हैं.
गूगल ने क्या कहा?
पूरे मामले पर गूगल ने कहा कि वो नियामक की तरफ से आए फैसले से सहमत नहीं है. गूगल वाइस प्रेसिडेंट डैन टेलर ने कहा कि विज्ञापन हमारे वेबसाइटों और ऐप्स के संचालन में मदद करते हैं. इससे हम ग्राहकों तक बेहतर ढंग से पहुंच पाते हैं. कमीशन की जांच हमारे विज्ञापन व्यवसाय के एक छोटे से क्षेत्र पर केंद्रित है.
फैसले का कई संगठनों ने किया स्वागत
मीडिया कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाली संगठन यूरोपियन पब्लिशर्स ने कार्रवाई की सराहना की है. समूह ने कहा कि उसने एक साल पहले एक शिकायत दर्ज की थी. काउंसिल के कार्यकारी निदेशक, एंजेला मिल्स वेड ने कहा है कि हम जांच में आयोग को सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
यूरोपीय यूनियन की तरफ से बनाया गया है नया कानून
पिछले साल, यूरोपीय संघ ने सबसे बड़ी टेक कंपनियों की निगरानी को कड़ा करने के लिए नए एंटी ट्रस्ट और डिजिटल सेवा कानून पारित किया था. बुधवार को, यूरोपीय संसद, यूरोपीय संघ की एक विधायी शाखा, ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को विनियमित करने वाला एक मसौदा कानून भी पारित किया है.
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मुंबई की एक सत्र अदालत ने वर्ष 2002 के गुजरात दंगे के दौरान हुए बेस्ट बेकरी कांड के दो आरोपियों को मंगलवार को बरी कर दिया. बेस्ट बेकरी में भीड़ के हमले में 14 लोग मारे गए थे. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एम जी देशपांडे ने हर्षद सोलंकी और मफत गोहिल को सभी आरोपों से बरी कर दिया. बेस्ट बेकरी मामले में पहले चरण की सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाहों ने कुछ आरोपियों द्वारा निभायी गयी भूमिका की गवाही थी. उसी के आधार पर उन्हें दोषी करार दिया गया था.
अदालत ने कहा कि इस मामले में इन दो आरोपियों के खिलाफ ऐसी कोई स्पष्ट गवाही नहीं सामने आयी. गोधरा ट्रेन अग्नि कांड के दो दिन बाद एक मार्च 2002 को भीड़ ने वडोदरा में बेस्ट बेकरी पर हमला किया था और उसे आग के हवाले क दिया था जिसमें 14लोगों की मौत हो गई थी. भीड़ ने वहां शरण लिये मुसलमानों को निशाना बनाया था जिनमें बेकरी के मालिक शेख परिवार भी शामिल था.
वडोदरा की एक अदालत में 2003 में मामले में सुनवाई के बाद सभी 21 लोगों को बरी कर दिया गया था. बाद में गुजरात उच्च न्यायालय ने भी इनके बरी होने की पुष्टि की थी. पीड़ितों में से एक जाहिरा बीबी शेख ने एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के साथ फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी. उच्चतम न्यायालय ने वर्ष2004 में मामले की दोबारा पुलिस से दोबारा जांच और गुजरात के बजाय महाराष्ट्र की अदालत में नए सिरे से सुनवाई का आदेश दिया था.
मुंबई की सत्र अदालत ने फरवरी 2006 में 17 लोगों में से नौ को दोषी करार दिया था. बंबई उच्च न्यायालय ने 2012 में उन दोषियों में से पांच को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था लेकिन चार अन्य की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था. निचली अदालत ने इन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. सोलंकी और गोहिल को बेस्ट बेकरी मामले में फरार दर्शाया गया था क्योंकि वे अजमेर विस्फोट मामले में सुनवाई का सामना कर रहे थे.
विस्फोट मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद इन दोनों को 2017 में मुंबई की अदालत में पेश किया गया. दो अन्य आरोपियों की पुनर्सुनवाई के दौरान मौत हो गयी. सोलंकी और गोहिल के वकील प्रकाश सालसिंकर ने कहा कि उनके मुवक्किलों के बरी होने की उम्मीद थी क्योंकि इन दोनों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था. उन्होंने कहा कि दोनो यहां आर्थर रोड जेल में है और उम्मीद है कि औपचारिकताएं पूरी होने पर एक -दो दिनों में वे जेल से बाहर आ जायेंगे.
बेस्ट बेकरी नरसंहार गुजरात में 27 फरवरी, 2002 में गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस के डिब्बे में भीड़ द्वारा आग लगा दिये जाने के फैली सांप्रदायिक हिंसा का हिस्सा था. ट्रेन में आग लगाने की घटना में 56 लोगों की जान चली गयी थी.
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अमरनाथ यात्रा को लेकर सुरक्षा तैयारियां शुरू हो गई हैं. 62 दिन की यात्रा के लिए लखनपुर बार्डर से लेकर पवित्र गुफा पर जमीन से लेकर आसमान तक से नजर रखी जा रही है. यात्रा को सफल बनाने के लिए हजारों जवानों की तैनाती की जाएगी. अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले के अंदेशे को देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू हो गई है. सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ के अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना के जवानों की तैनाती होगी. सबसे ज्यादा सीआरपीएफ के जवान तैनात होंगे. अकेले यात्रा के लिए ही करीब 60 हजार जवान तैनात किए जाएंगे.
अमरनाथ यात्रा के चप्पे चप्पे पर नजर रखने के लिए स्नाइपर और शार्प शूटर्स भी होंगे. खासकर यात्रा के काफिले पर ड्रोन से लेकर सेटेलाइट तक से निगरानी रखी जाएगी.
जम्मू कश्मीर पुलिस के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए अमरनाथ यात्रा काफी चुनौती से भरी होगी. श्रीनगर में जी-20 के मंत्री समूह की बैठक अभी-अभी खत्म हुई है. हम नहीं चाहते हैं कि जम्मू कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के दौरान कोई बड़ा हादसा हो. आज जरूरत है कि सुरक्षा को पुख्ता तरीके से मजबूत किया जाए. इसमें चुनौती यह रहेगी कि यात्रियों के बीच कोई संदिग्ध ना घुस आ जाए, इसके लिए आरएफआईडी कार्ड शो किया गया है, ताकि पहचान हो सके.
उन्होंने कहा कि सुरक्षा के घेरे में यात्रा का पूरा रूट रहेगा. हर रूट को प्रोटेक्ट किया जाएगा, सैनिटाइज किया जाएगा ताकि कहीं से किसी भी तरह का हमला ना हो सके. गाड़ियां जो यात्रा में शामिल रहेंगी उनकी सही तरीके से जांच करनी होगी. कश्मीर घाटी में इस दौरान जून से ही नजर रखी जाएगी और तालमेल पर खासा जोर होगा.
जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर खतरा ज्यादा
सबसे ज़्यादा खतरा करीब 266 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर होता है जो आतंकी हमलों के निशाने पर रहता है. यात्रा से पहले रोड ओपनिंग पार्टी की तैनाती बढ़ाई जा रही है. साथ में डॉग स्क्वॉड भी रहेगा. सुरक्षा का मुख्य जिम्मा सेना को सौंपा गया है, मगर अन्य बलों से तालमेल के साथ.
NDRF ने की विशेष तैयारी
यही नहीं, पिछली यात्रा के दौरान आई आपदा में 16 यात्रियों की मौत से सबक लेकर एनडीआरएफ ने विशेष तैयारी की है, जिसके तहत उन चोटियों पर नजर रखी जा रही है, जहां पानी का जमाव हो सकता है. एनडीआरएफ के डीजे अतुल करवाल के मुताबिक इंडिया रेस की टीम पहले से ज्यादा संख्या में तैनात होगी, पिछले एक साल में हमने इसे लेकर काफी ट्रेनिंग की है. जम्मू कश्मीर की जो माउंटेन इन की टीम है, उनके साथ हमने ट्रेनिंग की है. मेडिकल की ट्रेनिंग पहले से बेहतर है. उपकरण भी पहले से बेहतर है.
7 टीमों में 210 जवान
उन्होंने कहा कि हमारी कुल 7 टीमें जिसमें करीब 210 जवान होंगे. वह चंदनबाड़ी और बालटाल के रास्ते में तैनात होंगे. हम श्रीनगर और उधमपुर में भी दो टीमें रख रहे हैं, ताकि कहीं कोई दिक्कत होने पर इन टीमों को तुरंत तैनाती की जा सके.
हथियार गिराने के मामले बढ़े
सुरक्षाबलों की चिंता इस नाते भी और बढ़ गई है कि हाल के साल में जम्मू कश्मीर में स्टिकी बम से हमले करने और ड्रोन से हथियार गिराने के मामले बढ़े हैं. अमरनाथ यात्रा का बड़ा हिस्सा दक्षिण कश्मीर से होकर गुजरता है जो आतंकियों का गढ़ रहा है.
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सड़क पर चलते समय कई बार हम लापरवाह हो जाते हैं. कभी हम हेलमेट नहीं पहनते हैं तो कई बार स्पीड ज़्यादा कर लेते हैं. कई बार ऐसा होता है कि ट्रैफिक सिग्नल को भी हम फॉलो नहीं करते हैं. ऐसे में पुलिस विशेष कैंपने के ज़रिए लोगों को जागरुक करती है. अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो को शेयर किया गया है, जो लोगों को काफी पसंद आ रहा है. इस वीडियो को यूपी पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर किया है.
वीडियो देखें
अपनी ‘चैन की नींद' के लिए
— UP POLICE (@Uppolice) June 11, 2023
सड़क सुरक्षा ‘खाट' पर क्यूँ?
सामान ढोने के लिये निर्धारित वाहन का ही प्रयोग करें!#NeverSleepOnSafety #RoadSafety pic.twitter.com/mIg7YDDeLZ
वीडियो में देखा जा सकता है कि रोड पर कई बाइक्स देखी जा रही हैं. इन बाइक्स पर खाट ले जाया जा रहा है. खाट के कारण बाइक पर संतुलन बिगड़ने का डर बना रहता है. ऐसे में रोड एक्सिडेंट होने का डर बना रहता है. रोड सेफ्टी को लेकर ही यूपी पुलिस ने वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो के साथ-साथ यूपी पुलिस ने काफी फनी कैप्शन दिए हैं, मगर इन कैप्शन के संदेश बेहद ही खास है.
यूपी पुलिस ने लिखा है- अपनी ‘चैन की नींद' के लिए सड़क सुरक्षा ‘खाट' पर क्यूँ? सामान ढोने के लिये निर्धारित वाहन का ही प्रयोग करें!
यूपी पुलिस ने 23 सेकंड का क्रियटिव वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में जनता को रोड सेफ्टी के महत्व को समझाया गया है. वीडियो के ज़रिए आग्रह किया गया है कि भारी सामान के लिए दूसरे उपयुक्त वाहन का इस्तेमाल करें.
इस वीडियो को भी देखें
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता संभालने के बाद की अवधि को 'सांस्कृतिक कायाकल्प' का युग बताया और स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम नायकों को प्रमुखता देने से लेकर अयोध्या में राममंदिर निर्माण तक के कई प्रयासों को रेखांकित किया. केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने संवाददाताओं को बताया कि भारत से चोरी की गई 231 मूर्तियों को 2014 के बाद से विभिन्न देशों से वापस लाया गया है, जबकि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद और करीब नौ साल पहले भाजपा सरकार के सत्ता में आने से पहले की अवधि में, केवल 13 मूर्तियों का ही पता चल पाया था.
मेघवाल संस्कृति मंत्रालय में कनिष्ठ मंत्री हैं. उन्होंने कहा कि इससे सरकार के काम की गति और पैमाने का पता चलता है. राजस्थान के दलित नेता मेघवाल ने केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर सरदार वल्लभभाई पटेल और बी आर आंबेडकर जैसे वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी सरकार ने भारत के पहले गृहमंत्री को अमर बनाने के लिए ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण किया और भारतीय संविधान के वास्तुकार से जुड़े 'पंचतीर्थ' को विकसित किया.
उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है कि जब यह सरकार सत्ता में है तब एक भव्य राममंदिर का निर्माण किया जा रहा है. उन्होंने इस संदर्भ में काशी-विश्वनाथ गलियारा और उज्जैन में महाकाल गलियारे का विकास, करतारपुर साहिब गलियारे की शुरुआत और गुरु नानक एवं गुरु गोबिंद सिंह की क्रमश: 550वीं और 350वीं जयंती मनाये जाने का उल्लेख किया. उन्होंने 2014-2023 की अवधि पर कहा, ‘‘हम इसे सांस्कृतिक कायाकल्प का युग कह सकते हैं.''
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 1968 तक इंडिया गेट में एक छतरी के नीचे अंग्रेज राजा जॉर्ज पंचम की प्रतिमा रखी गई थी. उन्होंने कहा कि लगातार मांग पर प्रतिमा तो हटा दी गई लेकिन छतरी वहीं रही जो लोगों को अंग्रेज राजा की याद दिलाती थी. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने वहां पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगायी.
उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान विभिन्न धार्मिक सर्किट भी विकसित किए गए. एक सवाल के जवाब में मेघवाल ने नये संसद भवन के उद्घाटन के दौरान हुए ‘राजदंड' विवाद को लेकर कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले दावा किया कि पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को इस तरह का राजदंड सौंपने के लिए कोई समारोह आयोजित नहीं किया गया था. उन्होंने दावा किया कि कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि समारोह ने ब्राह्मणवाद को प्रोत्साहित किया.
उन्होंने कहा कि दोनों दावे बाद में गलत पाए गए. उन्होंने कहा कि समारोह से जुड़े 'अधीनम' ब्राह्मण नहीं थे. भाजपा नेता मेघवाल ने कहा कि राहुल गांधी ने दावा किया था कि समारोह राज्याभिषेक का प्रतीक था, जबकि ‘राजदंड' वास्तव में एक सरकार के लिए कर्तव्यों की भावना को रेखांकित करता है.
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखकर केंद्र की ‘उड़ान-5.0' योजना में राज्य के बिलासपुर शहर को शामिल करने का अनुरोध किया ताकि अन्य स्थानों से जुड़ने के लिए इससे नियमित उड़ान सेवाएं संचालित हो सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि बिलासपुर से नियमित हवाई सेवा आवश्यक है क्योंकि यह छत्तीसगढ़ का दूसरा महत्वपूर्ण शहर है, जहां से उच्च न्यायालय कार्य करता है.
बघेल ने पत्र में कहा, ‘‘हमें सूचना मिली है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बिलासपुर को ‘उड़ान-5.0' योजना में शामिल नहीं किया है. केंद्र सरकार के इस फैसले से बिलासपुर क्षेत्र के लोग निराश हैं.'' नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने देश के दूरस्थ और क्षेत्रीय स्थानों का संपर्क बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक' (उड़ान) के पांचवां चरण की शुरुआत की है. यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं के क्षेत्रीय सम्मेलन के समापन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि बिलासपुर को उड़ान योजना में शामिल नहीं किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं अरुण साव (छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) को बताना चाहता हूं कि हमने हवाई अड्डे के निर्माण और उड़ान योजना के तहत लाइसेंस प्राप्त करने के लिए 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अरुण साव को धरने पर बैठना चाहिए क्योंकि उनके लोकसभा क्षेत्र को उड़ान योजना में शामिल नहीं किया गया है. अब वह जनता का सामना कैसे करेंगे?'' साव बिलासपुर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं.
पत्र में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिलासपुर हवाई अड्डे पर हवाई सेवा शुरू करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के परामर्श से टर्मिनल निर्माण, रनवे विस्तार, सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए 45 करोड़ रुपये खर्च किए थे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के लगातार प्रयासों के चलते बिलासपुर हवाई सेवा के जरिये जबलपुर, नयी दिल्ली, प्रयागराज, इंदौर आदि शहरों से जुड़ सका. बघेल ने कहा कि बिलासपुर से आने और जाने वाली सभी उड़ानों में यात्रियों की संख्या बेहतर रही है. हालांकि, बाद में अज्ञात कारणों से इंदौर के लिए उड़ान सेवा बंद कर दी गई.
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