Tuesday, October 10, 2023

रिजवान और शफीक के शतक से पाकिस्तान ने श्रीलंका को छह विकेट से हराया, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

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जकड़न से जूझने के बावजूद मोहम्मद रिजवान के करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी और सलामी बल्लेबाज अब्दुल्लाह शफीक के करियर के पहले शतक से पाकिस्तान ने कुसाल मेंडिस और सदीरा समरविक्रम के शतक पर पानी फेरते हुए आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के बड़े स्कोर वाले मैच में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की. यह विश्व कप में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है.

श्रीलंका के 345 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने रिजवान की 121 गेंद में आठ चौकों और तीन छक्कों से नाबाद 131 की पारी और पहला शतक जड़ने वाले शफीक (103 गेंद में 113 रन, 10 चौके, तीन छक्के) के साथ उनकी तीसरे विकेट की 176 रन की साझेदारी से 48.2 ओवर में चार विकेट पर 345 रन बनाकर जीत दर्ज की. रिजवान ने सऊद शकील (31) के साथ भी चौथे विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी की. शफीक विश्व कप में पाकिस्तान की ओर से पदार्पण करते हुए सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने.

श्रीलंका ने इससे पहले मेंडिस और समरविक्रम के शतक से नौ विकेट पर 344 रन बनाए जो विश्व कप में किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ टीम का सर्वोच्च स्कोर है. मेंडिस ने 77 गेंद में 122 रन की पारी खेली जो विश्व कप के इतिहास में श्रीलंका की ओर से सबसे तेज शतक है. समरविक्रम ने अपने पहले एकदिवसीय शतक के दौरान 89 गेंद में 108 रन की पारी खेली.

मेंडिस ने पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबदबा बनाते हुए अपनी पारी में 14 चौके और छह छक्के मारे. उन्होंने पथुम निसांका (51) और समरविक्रम के साथ दो शतकीय साझेदारियां की. इस मुकाबले के दौरान पहली बार किसी विश्व कप मैच में चार शतक लगे.

श्रीलंका को दिशाहीन गेंदबाजी का खामियाजा भी भुगतना पड़ा. टीम ने वाइड पर 25 रन दिए और कई कैच भी टपकाए जिससे उसे लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा.

लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही और टीम ने आठवें ओवर में 37 रन तक ही इमाम उल हक (12) और कप्तान बाबर आजम (10) के विकेट गंवा दिया.

मदुशंका ने इमाम को उछाल लेती गेंद पर फाइन लेग पर कुसाल परेरा के हाथों कैच कराने के बाद जबकि बाबर इस तेज गेंदबाज खराब गेंद को विकेटकीपर समरविक्रम के हाथों में खेल गए. विकेटकीपर मेंडिस के जकड़न के कारण क्षेत्ररक्षण नहीं करने से समरविक्रम विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे थे.

सलामी बल्लेबाज अब्दुल्लाह शफीक ने विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने 10 ओवर में टीम का स्कोर दो विकेट पर 48 रन तक पहुंचाया. शफीक अच्छी लय में नजर आए. उन्होंने दासुन शनाका पर दो चौके जड़ने के बाद मथीसा पथिराना पर पारी का पहला छक्का मारा. शफीक ने धनंजय डिसिल्वा पर चौके के साथ 19वें ओवर में टीम के रनों का शतक पूरा किया और फिर अगली गेंद पर एक रन के साथ 58 गेंद में 50 रन के आंकड़े को छुआ.

शफीक ने अर्धशतक जड़ने के बाद आक्रामक रवैया अपनाया. उन्होंने धनंजय के अगले ओवर में छक्का जड़ने के बाद चरिथ असलंका की गेंद को भी बाउंड्री के दर्शन कराए. रिजवान ने भी दुनिथ वेलालागे पर दो चौके मारे जबकि शफीक ने भी इस स्पिनर पर छक्का और चौका जड़ा. उन्होंने मथीसा पथिराना पर चौके के साथ 58 गेंद में अर्धशतक पूरा किया.

शफीक ने मदुशंका पर चौके के साथ 97 गेंद में शतक पूरा किया. उन्होंने इसी ओवर में छक्के के साथ 32 ओवर में टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया. पथिराना ने शफीक को आउट करके इस साझेदारी को तोड़ा. स्थानापन्न खिलाड़ी दुशान हेमंथा ने उनका शानदार कैच लपका. शफीक के आउट होने के बाद रिजवान ने मोर्चा संभाला. उन्होंने धनंजय पर चौका और छक्का मारा.

रिजवान को शकील के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला. दोनों ने 40 ओवर में टीम का स्कोर तीन विकेट पर 271 रन तक पहुंचाया. रिजवान इस बीच पैर में जकड़न से जूझते दिखे. पाकिस्तान को अंतिम 10 ओवर में जीत के लिए 74 रन की दरकार थी. रिजवान ने पथिराना की गेंद पर एक रन के साथ 97 गेंद में अपना तीसरा शतक पूरा किया. शकील को तीक्षणा की गेंद पर दो जीवनदान मिले जब शनाका और हेमंथा ने उनका कैच टपका दिया.

रिजवान ने वेलालागे पर छक्के के साथ 44वें ओवर में टीम का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया और गेंद और रन के बीच का अंतर कम किया. शकील हालांकि दो जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके और तीक्षणा के अगले ओवर में वेलालागे को कैच दे बैठे. पाकिस्तान को अंतिम पांच ओवर में सिर्फ 31 रन की दरकार थी और टीम ने इसे आसानी ने हासिल किया. इससे पहले मेंडिस के आउट होने के बाद समरविक्रम ने पारी को संवारा. उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके और दो छक्के मारे.

पाकिस्तान की ओर से हसन अली (71 रन पर चार विकेट) सबसे सफल गेंदबाज रहे जबकि हारिस राउफ ने 64 रन देकर दो विकेट चटकाए. शाहीन शाह अफरीदी (66 रन पर एक विकेट) और शादाब खान (55 रन पर एक विकेट) को एक-एक विकेट मिला लेकिन वे महंगे साबित हुए. टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरे श्रीलंका ने दूसरे ओवर में ही कुसाल परेरा (00) का विकेट गंवा दिया जिन्होंने हसन की गेंद पर विकेटकीपर रिजवान को कैच थमाया. निसांका और मेंडिस ने इसके बाद पारी को संभाला.

पाकिस्तान के शीर्ष तेज गेंदबाज शाहीन लाइन और लेंथ को लेकर जूझते दिखते जिसका निसांका और मेंडिस ने फायदा उठाया. निसांका अच्छी लय में नजर आए और उन्होंने अपनी 61 गेंद की पारी के दौरान सात चौके और एक छक्का मारा. वह हालांकि अर्धशतक पूरा करने के बाद शादाब की गेंद पर प्वाइंट पर शफीक को कैच दे बैठे जिससे मेंडिस के साथ उनकी दूसरे विकेट की 102 रन की साझेदारी का अंत हुआ.

मेंडिस ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी. उन्होंने शादाब और राउफ के खिलाफ आसानी से रन जुटाए. उन्होंने शाहीन के एक ओवर में चार चौके भी मारे और हसन पर डीप मिड विकेट के ऊपर से छक्के के साथ शतक पूरा किया. श्रीलंका के रनों का दोहरा शतक 28वें ओवर में पूरा हुआ. अगले ओवर में मेंडिस ने हसन पर लगातार दो छक्के मारे लेकिन अगली गेंद पर बाउंड्री पर इमाम को कैच दे बैठे. इमाम ने इससे पहले 19 रन के स्कोर पर उन्हें जीवनदान दिया था.

हसन ने चरिथ असलंका (03 जबकि मोहम्मद नवाज ने धनंजय डिसिल्वा (25) को आउट किया. शाहीन ने कप्तान दासुन शनाका (12) को पवेलियन भेजा जिससे पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश की. समरविक्रम ने हालांकि एक छोर संभाले रखा और टीम को 350 रन के करीब ले गए. वह 48वें ओवर में हसन की गेंद पर विकेटकीपर रिजवान को कैच देकर पवेलियन लौटे.



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दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, भारी मात्रा में हथियार बरामद

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उत्तरी दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (Anti Narcotics Cell) ने बागपत में हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने और भारी मात्रा में हथियार और हथियार बनाने का सामान भी बरामद किया है.  उत्तरी जिले के डीसीपी सागर सिंह कलसी के मुताबिक बीते 4 अक्टूबर को सिविल लाइंस इलाके से विंटू उर्फ ​​मिंटू को 19 पिस्टल और 154  कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था.  पूछताछ के दौरान आरोपी बिंटू  ने खुलासा किया कि उसे ये सामान ललित नाम के शख्स ने दिया है जो यूपी के बागपत का रहने वाला है. आरोपी बिंटू ने खुलासा किया कि उसने कभी ललित का घर नहीं देखा लेकिन उसने अपना मोबाइल नंबर दिया था. तकनीकी जांच के बाद आरोपी ललित कुमार को गौना गांव से गिरफ्तार कर लिया गया. 

एक कार्बाइन, 5 पिस्टल और 75 कारतूस बरामद

पूछताछ के दौरान आरोपी ने एक नीला सफेद प्लास्टिक का बैग दिखाया और उसकी जांच करने पर उसमें से एक कार्बाइन, 5 पिस्टल और 75 कारतूस बरामद हुए. आरोपी व्यक्ति ने बताया कि कि साल 2013 में उसके पास कोई नौकरी नहीं थी और उसके परिवार की वित्तीय स्थिति भी खराब थी. इस बीच उसकी मुलाकात जॉनी प्रधान नाम के एक शख्स से हुई, जो उसके पास के गांव का रहने वाला था और उसने उसे दीपक यादव नाम के एक शख्स से मिलवाया, जो अवैध हथियारों का सप्लायर था. उसे दीपक यादव की अवैध असलहा बनाने की फैक्ट्री में काम करने का लालच दिया गया. लेकिन साल 2015 में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दीपक यादव की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था और फैक्ट्री से कई हथियार बरामद हुए थे.लेकिन दीपक यादव भागने में सफल रहा. इसके बाद ललित, जानी और दीपक ने  हथियारों की एक नई फैक्ट्री डाली और वो लोगों को ऑटोमेटिक पिस्टल 20 से 25 हजार में जबकि सिंगल शॉट पिस्टल 5-7 हजार में बेचने लगे.

कई गिरोह को पहुंचाते थे हथियार

ये लोग अनिल दुजाना गिरोह, उधम सिंह गिरोह, राहुल खट्टा गिरोह और सचिन उर्फ बाबा जैसे गिरोहों को हथियार बेचने लगे.  2019 में उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उनकी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और उसे और दोस्त जॉनी प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया और उनकी फैक्ट्री से कई हथियार बरामद किए गए. जमानत मिलने के बाद ललित फिर से अपने दोस्तों सुरेंदर, सुमित और बिंटू से मिला और फिर से फैक्ट्री शुरू कर दी, जांच के दौरान ललित ने खुलासा किया कि उसे 2020 में दीपक यादव से 500 जिंदा कारतूस मिले थे.

 पुलिस ने ललित की निशानदेही पर लोनी में उसकी अवैध असलहा फैक्ट्री पर छापा मारा और हथियार बनाने का इतना सामान बरामद किया कि उससे  लगभग 200 से 250 अवैध हथियार बनाए जा सकते हैं. 
 



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Monday, October 9, 2023

पूर्व क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन को HCA से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत

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पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. अज़हरुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर एकल सदस्य समिति (एचसीए के चुनावों के लिए शीर्ष अदालत द्वारा गठित) द्वारा हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) की मतदाता सूची से उनका नाम हटाने को चुनौती दी थी. कोर्ट ने अज़हरुद्दीन की याचिका पर फिलहाल कोई भी आदेश जारी नहीं किया है. 31 अक्टूबर तक के लिए याचिका पर सुनवाई टल गई है. एचसीए के चुनाव 20 अक्टूबर को होने हैं.

अज़हरुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन यानी एचसीए की सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली एकल सदस्य समिति के मतदाता सूची में अपना नाम फिर से शामिल करने का आदेश देने की गुहार लगाई थी. हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) की मतदाता सूची से अजहरुद्दीन का नाम हटा दिया गया, जिसे उन्होंने चुनौती दी थी.

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने अज़हरुद्दीन की याचिका पर फिलहाल कोई भी आदेश जारी नही किया. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई 31 अक्टूबर तक के लिए टाल दी, जबकि एचसीए के चुनाव 20 अक्टूबर को ही होने हैं. पीठ पहले से ही अंतिम रूप दी जा चुकी मतदाता सूची में हस्तक्षेप करने की इच्छुक नहीं थी.

हैदराबाद के डेक्कन ब्लूज़ क्रिकेट क्लब की ओर से समिति को भेजे गए एक पत्र के आधार पर अज़हरुद्दीन का नाम हटाया गया, क्योंकि उसमें डेक्कन ब्लूज़ क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष के रूप में अज़हरुद्दीन के नाम का उल्लेख था. हालांकि, अज़हरुद्दीन ने उस दस्तावेज़ को ही नकली और फर्जी बताया है.

सोमवार को सुनवाई के दौरान अजहरुद्दीन के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वो बीसीसीआई का आजीवन सदस्य हैं, जब विवादास्पद दस्तावेज दिया गया तब उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं मिली थी. तब उन्हें कोई नोटिस भी नहीं दिया गया था. यहां तक कि कई आधिकारिक रिकॉर्ड कहते हैं कि मैं डेक्कन ब्लूज़ का अध्यक्ष नहीं हूं तो फिर मामला पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत है.



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अमेरिका में बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर, 185 एकड़ में फैला है

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अमेरिका के न्यूजर्सी में 185 एकड़ में फैले सबसे बड़े हिंदू मंदिर बीएपीएस स्वामीनारायण अक्षरधाम को रविवार को उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया.अमेरिका और दुनिया भर में रहने वाले लोगों के लिए यह मंदिर एकता, शांति और सद्भाव का संदेश देता है.

न्यूजर्सी के रॉबिन्सविले में अक्षरधाम मंदिर का नौ दिवसीय उद्घाटन समारोह उत्सव 30 सितंबर को शुरू हुआ था. महंत स्वामी महाराज की उपस्थिति में रविवार को मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया. स्वामी महाराज ने अनुष्ठानों और पारंपरिक समारोहों के बीच मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह आयोजित किया.

भगवान स्वामीनारायण को समर्पित इस मंदिर का निर्माण 2011 में शुरू हुआ था और इस वर्ष समाप्त हुआ. इस मंदिर को दुनिया भर के 12,500 स्वयंसेवकों द्वारा बनाया गया है. मंदिर की कई प्रमुख अनूठी विशेषताओं में से एक पत्थर से निर्मित अब तक का सबसे बड़ा गुंबद है.

स्वयंसेवक लेनिन जोशी ने कहा कि स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर भारत की विरासत और संस्कृति को आधुनिक अमेरिका के सामने प्रस्तुत करता है.



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"भारत इस संकट को संभाल लेगा": इजराइल-हमास युद्ध और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर पेट्रोलियम मंत्री

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इजरायल-फिलीस्तीन के बीच जारी युद्ध से पड़ने वाले असर पर भारत भी नजर बनाए हुए है. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोमवार को कहा कि भारत सरकार इजरायल-हमास युद्ध का अंतरराष्ट्रीय तेल बाज़ार पर पड़ने वाले असर पर गंभीरता से नज़र रख रही है और भारत परिपक्वता से इस संकट से निपटेगा. सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमत 5% महंगी होकर 89 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. नेचुरल गैस के भी महंगा होने की आशंका है. इसको लेकर भारतीय उद्योग जगत की भी चिंता बढ़ती जा रही है.

इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितता की वजह से कच्चा तेल फिर महंगा होने लगा है.

सोमवार को Brent Crude Oil ट्रेडिंग के दौरान करीब 5% तक महंगा होकर 89 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर तक पहुंच गया.

भारत अपनी ज़रूरत का 80% से कुछ ज़्यादा कच्चा तेल आयात करता है. अगर ये युद्ध लंबा खिंचता है, तो कच्चा तेल के और महंगा होने का अंदेशा है और इसके साथ ही भारत का कच्चे तेल के आयात पर खर्च भी बढ़ेगा.

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने माना कि हालात गंभीर हैं, भारत सरकार घटनाक्रम पर कड़ी नज़र रख रही है.

हरदीप पुरी ने कहा, "भारत इस संकट को परिपक्वता के साथ संभाल लेगा. जहां तक ​​ऊर्जा क्षेत्र का सवाल है, जहां युद्ध हो रहा है, वह कई मायनों में वैश्विक ऊर्जा का केंद्र है. हम बहुत ध्यान से हालात पर नज़र रखेंगे. हम इसके जरिए अपना रास्ता तलाशेंगे."

नेचुरल गैस की कीमतों पर इसके असर को लेकर भी चिंता बढ़ रही है. भारतीय उद्योग जगत भी सकते में है.

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पिछले डेढ़ साल में ये दूसरा युद्ध है जिसका साया अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर गहराता जा रहा है.

अंतरर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का माहौल
एनडीटीवी के द्वारा पूछे जाने पर कि इजराइल-हमास युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल अर्थव्यवस्था में जो उथल-पुथल बढ़ रही है, उसका कितना असर भारत पर पड़ने की आशंका है, PHDCCI के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रंजीत मेहता ने कहा कि,  "आज Brent Crude Oil Index में बढ़ती दर्ज हुई है. अगर ईरान इस युद्ध में शामिल होता है तो इस युद्ध का दायरा बढ़ेगा और इससे तेल सप्लाई चेन पर काफी असर पड़ेगा. आज स्टॉक मार्केट में भी इसका एक बड़ा असर देखने को मिला है. अंतरर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में एक अनिश्चितता का माहौल है".

ज़ाहिर है, युद्ध का दायरा आने वाले दिनों में अगर बढ़ता है तो इसका सीधा असर भारत के ऑइल इम्पोर्ट बिल पर पड़ेगा.



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Hamas threatens to kill captives if Israel continues attacks without warning

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Sunday, October 8, 2023

"हम यहां सुरक्षित...", हमास के हमलों के बीच इज़राइल में रहने वाले भारतीय छात्रों से NDTV ने की बात

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Israel palestine conflict : इजराइल के तेल अवीव पर शनिवार को हमास आतंकवादियों के हमला करने के बाद दोनों ही देशों के बीच युद्ध जैसे हालात हैं. हमास समूह द्वारा आतंकवादी हमले के दौरान कम से कम 100 इजराइली नागरिकों और सैनिकों को बंधक बना लिया गया. भारत और इजराइल (India and Israel) के हाल के दिनों में मजबूत रिश्ते रहे हैं. भारत के सैकड़ों छात्र इजराइल में पढ़ाई करते हैं. एनडीटीवी ने इजराइल में रहने वाले भारतीय छात्रों से बात की है. भारतीय छात्रों ने कहा है कि रविवार को हालात में सुधार हुए हैं और वो वहां सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि इजराइल में इंटरनेट सुविधा जारी है और वो लोग अपने परिजनों के संपर्क में भी हैं. 

कैसे हुई युद्ध की शुरुआत? 

आतंकवादी संगठन हमास (Hamas) ने पहले इजराइल (Israel) पर हजारों रॉकेट दागे, फिर आतंकियों ने इजराइल की सीमा में घुसकर जमकर आतंक मचाया. इस दौरान हमास आतंकियों ने सरेआम लोगों को पर गोलियां चलाईं और महिलाओं का किडनैप किया. इन घटनाओं के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. हमास के हमलों के जवाब में इजराइल की तरफ से भी गाजापट्टी पर जोरदार हमले किए गए हैं. 

हमास क्या है?

हमास एक फिलिस्तीनी आतंकी समूह है, जिसकी स्थापना 1987 में पहले फिलिस्तीनी इंतिफादा या विद्रोह के दौरान हुई थी. इसका मकसद फिलिस्तीन में इस्लामिक राज्य स्थापित करना है. इस विद्रोही समूह की स्थापना सेख अहमद यासीन ने की थी. 12 साल की उम्र से व्हीलचेयर पर रहने वाले अहमद यासीन ने साल 1987 में इजराइल के खिलाफ पहले इंतिफादा का ऐलान किया था. इंतिफादा का मतलब बगावत करना या विद्रोह करना होता है. इस फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह को ईरान का समर्थन प्राप्त है.

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Congress-National Conference alliance wins 22 seats in key Ladakh poll

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Israel-Hamas Attack: हमास के हमलों में अबतक 10 नेपाली छात्रों की मौत

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नई दिल्ली: इजराइल पर हमास (Hamas Attack) के हमले में अभी तक 600 लोगों के मारे जाने की खबर है. हमास के आतंकियों ने शनिवार सुबह इजराइल के अलग-अलग इलाकों पर 5000 से ज्यादा रॉकेट दागे. वहीं, इजराइल में हमास हमले में नेपाल के भी 10 छात्रों की मौत हुई है. नेपाल दूतावास के अधिकारियों ने ANI को यह जानकारी दी है.

इससे पहले नेपाल के विदेश मंत्री एन. पी. सऊद ने रविवार को कहा था कि इजराइल में पढ़ाई कर रहे चार नेपाली छात्र आतंकवादी समूह हमास के हमले में घायल हुए हैं, जबकि 11 छात्र लापता हैं. लेकिन अब 10 छात्रों की मौत की खबर है. मंत्री ने कहा कि इजराइल के दक्षिणी हिस्से में पढ़ाई कर रहे लापता छात्रों के हताहत होने की आशंका है.

बता दें कि इजरायल और फिलिस्‍तीन (Israel and Palestine) के बीच हालात बेहद खराब स्थिति में पहुंच गए हैं. इजराइल पर हमास (Hamas Attack) के हमले में अभी तक 600 लोगों के मारे जाने की खबर है. हमास के आतंकियों ने शनिवार सुबह इजराइल के अलग-अलग इलाकों पर 5000 से ज्यादा रॉकेट दागे. हमास के इस हमले के बाद इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी कर कहा कि हमास को इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. भारत समेत कई देशों ने मुश्किल की इस घड़ी में इजराइल के साथ खड़े होने की बात की है.  हालांकि बिगड़ते हालात के बीच दिल्ली से तेल अवीव की उड़ानें रद्द कर दी गई है. तेल अवीव से दिल्ली की उड़ानें 14 अक्टूबर तक रद्द रहेंगी. 

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Saturday, October 7, 2023

Actor Nushrratt Bharuccha stranded in Israel, her team says 'unable to connect'

\ Actor Nushrratt Bharuccha stranded in Israel her team says unable to connect

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कच्चे दूध में मिलाकर लगा लें ये चीजें, 1 हफ्ते में शरीर के अनचाहे बाल हो जाएंगे गायब

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Way to Remove Unwanted Hair Home Remedies: शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए अक्सर लोग वैक्स, हेयर रिमूवल क्रीम्स का इस्तेमाल करते हैं. जहां वैक्स आपको दर्द देती है वहीं हेयर रिमूवल क्रीम्स से आने वाली स्मेल भी काफी परेशान करने वाली होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके किचन में मौजूद कुछ चीजें अनचाहें बालों को हटाने में आपकी मदद कर सकते हैं. ये घरेलु नुस्खे शरीर पर मौजूद अनचाहें बालों को आसानी से हटा सकते हैं. तो आइए जानते हैं घर पर किस तरह से बनाएं हेयर रिमूवल पेस्ट. ये नुस्खे बिना वैक्सिंग के फेस हेयर को रिमूव करने में आपकी मदद कर सकते हैं. 

घर पर कैसे बनाएं हेयर रिमूवल क्रीम ( Hair Removal Cream Home Remedies)

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इस हेयर रिमूवल क्रीम को बनाने के लिए आपको चाहिए हल्दी, नमक, कच्चा दूध और चीनी. इन सभी चीजों को मिलाकर आप हेयर रिमूवल क्रीम बना सकते हैं. आइए जानते हैं इस क्रीम को बनाने और यूज करने की तरीका.

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इस क्रीम को बनाने के लिए एक बाउल में थोड़ी सी हल्दी, 1 चम्मच शक्कर, 2 चम्मच आटा और कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें. ये पेस्ट न तो ज्यादा पतला होना चाहिए और न बहुत गाढ़ा. अब इस पेस्ट को बालों के डायरेक्शन पर लगा लें. इसको अच्छे से सूख जाने के बाद बालों के अपोजिट डायरेक्शन में रगड़ते हुए इस निकालें. पूरी तरह से मसाज करते हुए इस पेस्ट को निकाल दें. बेहतर रिजल्ट के लिए इस पेस्ट को हफ्ते में तीन बार जरूर इस्तेमाल करें



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एक चम्मच हल्दी में मिलाकर लगा लें ये चीज, सफेद बाल जड़ से हो जाएंगे काले, कभी नहीं लगाना पड़ेगा कलर

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White Hair Home Remedies: बालों का सफेद होना आज कम समय में एक ऐसी समस्या बन गया है जिससे अमूमन लोग परेशान हैं. पुराने समय में बालों के सफेद होने को उम्र दराज लोगों की निशानी माना जाता है, लेकिन अगर आज के समय पर इस बात पर अनल करेंगे तो परेशानी हो जाएगी. दरअसल इसका कारण यह है कि आज के समय में टीएनजर्स से लेकर, बच्चों और बड़े सभी के बाल सफेद हो रहे हैं. जिसकी एक वजह केमिकल युक्त चीजों का ज्यादा इस्तेमाल, जेनेटिक और आज कल की लाइफस्टाइल और खानपान है. 

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ये तो हुई बालों के सफेद होने की वजह अब बात करें इनसे छुटकारा पाने की तो इनको छुपाने के लिए लोग मेंहदी, हेयर डाई और हेयर कलर जैसी चीजों को इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. जिससे बाल काले तो होते हैं लेकिन ये बालों को डैमेज भी कर सकते हैं और कई बार ऐसा भी हुआ है कि इसको लगाने के बाद बाल और तेजी से सफेद होते हैं. अगर आप अपने बालों का ऐसा हाल नहीं करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि इसके लिए आप कुछ घरेलु नुस्खों को आजमाएं. आज हम आपको ऐसा घरेलु नुस्खा बताएंगे जो आपके बालों को जड़ों से काला करने में मदद करेगा और साथ ही उनको शाइनी भी बनाएगा. 

सफेद बालों को काला करने का घरेलु नुस्खा ( White Hair Home Remedies)

बालों को काला करने के लिए आपको जो नुस्खा हम बताने जा रहे हैं इसके लिए आपको सारी चीजें आपके किचन मे ही मिल जाएंगी. आपको कुछ भी बाहर से जाकर नहीं लेना होगा. बालों को काला करने वाले इस नुस्खे को बनाने के लिए आपको चाहिए आमला का पाउडर और हल्दी

इसके लिए आप 2 चम्मच आंवला पाउडर और 1 चम्मच हल्दी लीजिए. अब इन दोनों चीजों के लोहे की कढ़ाही में रोस्ट कर लेना है. इन दोनों चीजों को आपको तब तक रोस्ट करना है जब तक इनका रंग काला ना हो जाए. एक बार काला हो जाने के बाद इसे एक बर्तन में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें. अब आप इस पाउडर में एलोवेरा जेल को डालकर मिक्स कर लें और अपने बालों की जड़ों से लेकर सिरे तक  अच्छे से लगा लें. इसको बालों पर आधे से एक घंटे तक लगा रहने के बाद पानी से धोलें. अगर आपके पास एलोवेरा जेल नही है तो आप इसमें सरसों का तेल मिलाकर भी लगा सकते हैं और इसको धुलने के लिए किसी माइल्ड शैंपू का इस्तेमाल करें. हफ्ते में 2 बार इस रेमेडि के इस्तेमाल से आप अपने बालों को काला, घना और लंबा बना सकते हैं. इसके साथ ही आपके बाल शाइनी और मुलायम भी बनेंगे.



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सुबह उठते ही खाएं ये 1 चीज हफ्तेभर में कम हो जाएगा वजन, फूला हुआ पेट भी हो जाएगा फुस्स

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Chia Seeds for Weight loss: वजन घटाने के लिए क्या कुछ नहीं करते हैं. कई लोग खाना छोड़ देते हैं, घंटो जिम में पसीना बहाते हैं. लेकिन कई बार इन सब चीजों के बावजूद भी वजन कम होने का नाम नहीं लेता है. क्या आप जानते हैं कि इसका कारण क्या है? वो है आपकी खाने-पीने से जुड़ी ऐसी गलतियां जिन पर आप ध्यान नहीं दे पाते हैं और नजर अंदाज कर देते हैं. जो आपके वजन को कम करने के बीच अड़चन बन जाता है. 

अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो आपको अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है. खासतौर से मार्निंग रूटीन की. सुबह ऐसी चीजों का सेवन करना चाहिए जो आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करें. इसके लिए आप अपनी डाइट में चिया सीड्स को शामिल कर सकते हैं. दरअसल, चिया सीड्स में पाया जाने वाला फाइबर आपके पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकता है. इससे आपका वजन कम करने में मदद मिल सकती है. तो आइए जानते हैं कि वजन कम करने के लिए चिया सीड्स के फायदे.

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चिया सीड्स का सेवन कैसे करें ( How to use Chia Seeds for Weight loss)

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चिया सीड्स में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो आपके पाचन को धीमा कर देता है. जिससे बल्ड में ग्लूकोज देर से रिलीज होता है. साथ ही यह आपके मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाते हैं जो आपका वजन कम करने में मदद कर सकता है. 

वजन कम करने के लिए आपको 1 गिलास पानी में 1 चम्मच चिया सीड्स मिलाकर रातभर के लिए भिगोकर रख दें. सुबह उठने पर खाली पेट इस पानी का सेवन करें. आपको कुछ ही दिनो में फर्क दिखने लगेगा. आप चाहें तो इसके साथ आप नींबू या फिर शहद को भी मिलाकर पी सकते हैं. यह ड्रिंक वजन कम करने के साथ आपके बैली फैट को कम करने में भी आपकी मदद कर सकता है.



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इजराइल पर हमास का हमला, किसी देश ने की शांति की अपील; किसी ने खुशी जताकर चौंकाया

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फिलिस्तीन (Palestine) और इजराइल (Israel) के पड़ोसी देशों के कुछ नेताओं ने शनिवार को इज़राइल को निशाना बनाकर किए गए हमास के घातक हमले और उसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई के बाद दोनों देशों से संयम बरतने का आग्रह किया. इस संघर्ष के लिए कुछ ने इजराइल को ही दोषी ठहराया तो कुछ ने इस आश्चर्यजनक हमले का जश्न मनाया.

गाजा पट्टी पर नियंत्रण रखने वाले आतंकी ग्रुप हमास ने इजराइल पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. बताया जा रहा है कि हमास की ओर से इजराइल पर 5000 से ज्यादा रॉकेट दागे गए हैं. इजराइल के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया. इन हमलों में अब तक 100 लोगों की मौत होने और 500 से ज्यादा के जख्मी होने की जानकारी सामने आई है. 

हमास ने सुबह-सुबह हवाई, जमीन और समुद्र से हमले किए. इसके जवाब में इजराइल ने तटीय क्षेत्र में हवाई हमले किए. मई 2021 के बाद से अब तक का यह सबसे खूनी संघर्ष है. 

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "हम युद्ध में हैं," उन्होंने वादा किया कि "दुश्मन को अभूतपूर्व कीमत चुकानी पड़ेगी."

क्षेत्र के देशों की प्रतिक्रियाएं

मिस्र 

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने "फिलिस्तीनी और इजराइली दोनों पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की," उसने संघर्ष में वृद्धि को लेकर गंभीर खतरे की चेतावनी दी.

काहिरा ऐतिहासिक रूप से दोनों पक्षों के बीच संघर्ष में एक प्रमुख मध्यस्थ रहा है. विदेश मंत्री समेह शौकरी ने अपने जॉर्डन, यूएई, तुर्की, जर्मन और फ्रांसीसी समकक्षों और यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल सहित क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय नेताओं को कई कॉल किए.

विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि शौकरी ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं को "तुरंत हस्तक्षेप" करने के लिए एकजुट करने की मांग की.

जॉर्डन 

जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफ़ादी ने "विशेष रूप से वेस्ट बैंक के शहरों और क्षेत्रों में फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजराइली हमलों और उल्लंघनों के मद्देनजर" हालात अस्थिर होने की चेतावनी दी.

हमास का हमला इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष के बीच कई महीनों से बढ़ती हिंसा के बाद हुआ है. इससे वेस्ट बैंक में इतने बड़े पैमाने पर मौतें हुई हैं. इतनी जनहानि वर्षों में नहीं देखी गई.

जॉर्डन और मिस्र इजराइल के साथ शांति समझौते पर सहमत होने वाले क्षेत्र के पहले दो देश थे.

संयुक्त अरब अमीरात

यूएई की राज्य समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात ने "तत्काल युद्धविराम" और "अत्यधिक संयम बरतने" का आह्वान किया. विदेश मंत्रालय के एक बयान में नागरिकों की सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा गया, "यूएई ने हालिया संकट के सभी पीड़ितों के प्रति अपनी गंभीर संवेदना व्यक्त की है."

अबू धाबी ने 2020 में अमेरिका समर्थित अब्राहम समझौते के तहत बहरीन और मोरक्को के साथ-साथ इजराइल से संबंध सामान्य किए हैं.

मोरक्को

मोरक्को केविदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि, "मोरक्को साम्राज्य गाजा पट्टी में स्थिति के बिगड़ने और सैन्य कार्रवाई शुरू होने पर गहरी चिंता व्यक्त करता है और नागरिकों के खिलाफ हमलों की निंदा करता है, चाहे वे कहीं के भी हों."

अरब लीग

अरब लीग के प्रमुख अहमद अबुल घीत ने "गाजा में सैन्य अभियानों को तत्काल रोकने" और दोनों पक्षों के बीच सशस्त्र टकराव का चक्र बंद करने का आह्वान किया.

उन्होंने कहा, "इजराइल द्वारा हिंसक और चरमपंथी नीतियों को निरंतर लागू करना एक टाइम बम है जो इस क्षेत्र को निकट भविष्य में स्थिरता के किसी भी गंभीर अवसर से वंचित कर रहा है."

सऊदी अरब

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि, "सऊदी अरब दोनों पक्षों के बीच तनाव को तत्काल रोकने, नागरिकों की सुरक्षा और आत्म-नियंत्रण का आह्वान करती है."

रियाद ने कुवैत, इराक, कतर और ओमान सहित अन्य क्षेत्रीय देशों के बयानों को दोहराया कि शनिवार का हमला "फिलिस्तीनी लोगों को उनके वैध अधिकारों से वंचित करने और लगातार कब्जे का परिणाम है."

रियाद और वाशिंगटन द्वारा सऊदी की कुछ शर्तों पर बातचीत के बाद, इन बैठकों के जानकार लोगों के अनुसार, इज़राइल और सऊदी अरब के बीच संबंधों के सामान्य होने की बढ़ती अटकलों के बीच यह हिंसा हुई है.

सीरिया

सीरिया के विदेश मंत्रालय ने हमास ऑपरेशन को एक "सम्मानजनक उपलब्धि बताया जो साबित करता है कि फिलिस्तीनियों के लिए अपने वैध अधिकार प्राप्त करने का एकमात्र तरीका सभी रूपों में प्रतिरोध है".

सीरिया ने फिलिस्तीनी लोगों और "जायोनिस्ट आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ने वाली सेनाओं" के लिए अपना "समर्थन" भी व्यक्त किया.

ईरान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी के एक वरिष्ठ सलाहकार ने हमले के लिए समर्थन व्यक्त किया और इसे "गौरवपूर्ण ऑपरेशन" बताया. समाचार एजेंसी आईएसएनए के हवाले से याह्या रहीम सफवी ने कहा, "हम इस ऑपरेशन का समर्थन करते हैं." सफ़वी ने "फ़िलिस्तीन और येरूशलम की मुक्ति तक" फिलिस्तीनी उग्रवादियों का समर्थन किया.

समाचार एजेंसी तस्नीम द्वारा प्रसारित एक वीडियो के अनुसार, संसद सत्र में सांसदों ने "इजराइल मुर्दाबाद", "अमेरिका मुर्दाबाद" और "वेलकम फिलिस्तीन" के नारे लगाए.

यमन

यमन की राजधानी सना पर नियंत्रण रखने वाले हूथी विद्रोहियों ने कहा कि वे "वीर जिहादी ऑपरेशन" का समर्थन करते हैं. हूथी-नियंत्रित समाचार एजेंसी SABA की वेबसाइट पर प्रकाशित एक बयान में, ईरान से गठबंधन करने वाले आतंकवादी समूह ने कहा कि हमले ने इज़राइल की "कमजोरी और नपुंसकता को उजागर किया." उसने ऑपरेशन को "सम्मान, गौरव और रक्षा की लड़ाई" कहा.

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जानें, इजराइल पर 20 मिनट में 5000 रॉकेट दागने वाले हमास ग्रुप के बारे में 5 बातें

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  1. हमास (Ḥarakat al-Muqāwamat al-Islāmiyyah) की स्थापना साल 1987 में इजरायली शासन के खिलाफ एक फिलिस्तीनी विद्रोह के दौरान हुई. इसका मकसद फिलिस्तीन में इस्लामिक राज्य स्थापित करना है.
  2. हमास वर्तमान में गाजा पट्टी पर नियंत्रण रखता है, जो पूर्वी भूमध्यसागरीय तट पर एक फिलिस्तीनी क्षेत्र है. 2006 के फिलिस्तीनी विधायी चुनावों में जीत हासिल करने के बाद, इसने 2007 में अपने प्रतिद्वंद्वी फतह के साथ हिंसक संघर्ष के बाद गाजा पर कब्जा कर लिया. तब से, हमास गाजा पर राज कर रहा है, जबकि फतह वेस्ट बैंक पर शासन करता है.
  3. हमास को इजराइल, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई अन्य देश एक आतंकवादी संगठन मानते हैं. 
  4. हमास ने पिछले कुछ वर्षों में इजराइल के ठिकानों पर इसने कई हमले किए हैं, जिनमें आत्मघाती बम विस्फोट, रॉकेट लॉन्च और हिंसा के अन्य तरीके शामिल हैं. इस वजह से दोनों तरफ काफी संख्या लोगों की जानें गई हैं.
  5. शनिवार को 5000 रॉकेट दागकर इजराइल पर हमास ने पिछले कुछ वर्षों में सबसे घातक हमला किया है. 
     


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Friday, October 6, 2023

Cavity Home Remedies: दांतों में लंबे समय से लगे कीड़ों से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू उपाय...

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Teeth Cavity Remedies:  साफ-सुधरे दूध से सफेद दांत ना केवल देखने में अच्छे लगते हैं बल्कि, ये आपकी पर्नैलिटी में भी सुधार करते हैं. लेकिन इन दांतों पर ग्रहण बनने का काम करते हैं दांतों में लगे कीड़ें. दांतों में छोटे काले गड्ढे होते हैं जिन्हें दांतों के कीड़े कहा जाता है. सड़न के कारण यह दांतों को खोखला करने लगते हैं. असल में कैविटीज (Cavities) के कई कारण हो सकते हैं. दांतों का साफ ना होना, मुंह में बैक्टीरियल इंफेक्शन, मीठी चीजों का ज्यादा सेवन, या हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या. टूथ कैविटी दांतों को खराब करने का काम कर सकती है. तो चलिए हम आपको कुछ ऐसे आसान घरेलू तरीके बताते हैं जिससे इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है. 

दांतों की कैविटी को दूर करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय | Teeth Cavity Home Remedies

1. लौंग-(Clove)

लौंग केवल कैविटी ही नहीं किसी भी तरह की ओरल प्रॉब्लम से लड़ने में आपकी मदद करती है. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण दर्द कम करने में भी आपकी मदद करते हैं. लौंग के तेल का इस्तेमाल कर दांतों के कीड़ों से राहत पा सकते हैं.

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2. लहसुन (Garlic)

भारतीय किचन मे मौजूद लहसुन ना केवल खाने में स्वाद को बढ़ाने का काम करती है बल्कि, स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है. लहसुन में मौजूद एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण इसे एक बेहतरीन पेनकिलर बनाते हैं, जो दांतों के दर्द और कीड़ों से राहत दिला सकते हैं.

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3. नमक का पानी (Salt-water)

दांतों के कीड़ों और दर्द में नमक का पानी आपके बड़े काम आ सकता है. ये आपके मुंह को बैक्टीरिया से मुक्त रखता है और कैविटी में से चिपचिपापन भी दूर करता है. नमक पानी हमारे मुंह से एसिड को हटाकर मुंह का पीएच लेवल सामान्य कर सकता है. 

4. नींबू (Lemon)

नींबू विटामिन-सी का रिच सोर्स माना जाता है. इसमें मौजूद एसिड जर्म्स को मारकर दर्द को कम करने में आपकी मदद करते हैं. मुंह में नींबू का एक टुकड़ा रखकर उसे चबाएं और फिर साफ पानी से कुल्ला कर लें. इससे दर्द के साथ कीड़ों से भी राहत मिल सकती है.

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This UK university launched the first MA programme in magic and occult science

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Thursday, October 5, 2023

MNREGA के लिए धन की कोई कमी नहीं, प.बंगाल को भुगतान गैर अनुपालन के चलते रोका गया: केंद्र

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केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं है और दोहराया कि पश्चिम बंगाल के लिए धन केंद्रीय निर्देशों का अनुपालन नहीं करने के कारण जारी नहीं किया गया है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र सरकार के निर्देशों का पालन न करने के कारण महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 की धारा 27 के प्रावधान के अनुसार पश्चिम बंगाल राज्य का कोष 9 मार्च, 2022 से रोक दिया गया है.''

यह बयान ऐसे दिन आया जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मनरेगा के बकाए को लेकर केंद्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए कोलकाता में राजभवन तक मार्च किया. टीएमसी ने केंद्र द्वारा धन जारी करने की मांग को लेकर 3 और 4 अक्टूबर को दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन किया था. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि 4 अक्टूबर तक योजना के लिए निर्धारित 60,000 करोड़ रुपये के बजट में से 56,105.69 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं.

इसमें कहा गया है, ‘‘कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए धन की उपलब्धता कोई बाधा नहीं है.' मंत्रालय ने कहा कि मनरेगा एक मांग-संचालित मजदूरी रोजगार कार्यक्रम है और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोष जारी करना एक सतत प्रक्रिया है और केंद्र सरकार काम की मांग को ध्यान में रखते हुए कोष उपलब्ध करा रही है. इसमें कहा गया है कि मंत्रालय जमीनी स्तर पर काम की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि की मांग करता है.

बयान में कहा गया है, ‘‘मंत्रालय समय पर वेतन भुगतान के लिए सभी प्रयास कर रहा है. राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को समय पर वेतन आदेश तैयार करने की सलाह दी गई है.' बयान में कहा गया है कि इसके परिणामस्वरूप समय पर भुगतान आदेश जारी करने की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. इसमें कहा गया है कि इससे श्रमिकों के खाते में मजदूरी जमा करने में लगने वाले समय में सुधार हुआ है. मंत्रालय ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 4 अक्टूबर तक 99.12 प्रतिशत भुगतान आदेश 15 दिनों के भीतर उत्पन्न हुए हैं. उसने देरी से भुगतान के लिए राज्यों को भी दोषी ठहराया.

उसने कहा, ‘‘मजदूरी के भुगतान में देरी राज्यों में कार्यान्वयन के मुद्दों के कारण होती है जिसमें अपर्याप्त स्टाफिंग, माप, डेटा प्रविष्टि, वेतन सूची का निर्माण, फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) आदि शामिल हैं. वेतन भुगतान में देरी के मामले में, लाभार्थी प्रावधानों के अनुसार विलंब मुआवजे का हकदार है.'' मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी परिवार का ‘जॉब कार्ड' केवल कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है, लेकिन आधार पेमेंट ब्रिज सिस्टम (एपीबीएस) के कारण नहीं.

उसने कहा, ‘‘जॉब कार्ड को अद्यतन करना/हटाना राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा किया जाने वाला एक नियमित कार्य है. यदि कोई ‘जॉब कार्ड' जाली (जॉब कार्ड गलत है) है/ जॉब कार्ड का दोहराव है/परिवार काम करने का इच्छुक नहीं है/परिवार ग्राम पंचायत से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गया है, जॉब कार्ड में शामिल एकल व्यक्ति की मृत्यु हो गई है, तो जॉब कार्ड को समाप्त किया जा सकता है.'' मंत्रालय ने कहा कि एपीबीएस और कुछ नहीं बल्कि एक जरिया है जिसके माध्यम से भुगतान लाभार्थियों के खाते में जमा किया जा रहा है.

मंत्रालय ने कहा कि एपीबीएस 'प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से मजदूरी भुगतान करने का सबसे अच्छा तरीका है. उसने कहा कि इससे लाभार्थियों को समय पर वेतन भुगतान प्राप्त करने में मदद मिलेगी.' उन्होंने कहा कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के आंकड़े से पता चलता है कि जहां आधार को डीबीटी के लिए सक्षम किया गया है, वहां सफलता का प्रतिशत 99.55 प्रतिशत या उससे अधिक है. मंत्रालय ने कहा, 'खाता-आधारित भुगतान के मामले में ऐसी सफलता लगभग 98 प्रतिशत है.' हालांकि, वेतन भुगतान का मिश्रित जरिया - एनएसीएच और एबीपीएस - 31 दिसंबर तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है.

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आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना होगा, कठोर रुख अपनाने की जरूरत: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि आतंकवाद निरोधक एजेंसियों को कठोर रुख अपनाना होगा ताकि देश में नए आतंकवादी संगठन नहीं पनप सके. आतंकवाद निरोधक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि न केवल आतंकवाद, बल्कि आतंकवादियों के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना होगा. गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा लिए गए कठोर फैसलों से क्रिप्टोकरेंसी, हवाला, आतंकी वित्तपोषण, संगठित अपराध गिरोह और मादक पदार्थ-आतंकवाद साठगांठ से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में बहुत अच्छे परिणाम मिले हैं.

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा आयोजित दो दिवसीय आतंकवाद निरोधक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शाह ने कहा कि अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद निरोधक सभी एजेंसियों को ऐसा कठोर रुख अपनाना होगा कि नए आतंकवादी संगठन न पनप सके.'' शाह ने कहा कि न केवल आतंकवाद से लड़ने की, बल्कि इसके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को समाप्त करने की जरूरत है और इसके लिए ‘‘हमें संपूर्ण सरकार और टीम इंडिया की भावना के साथ काम करना चाहिए.''

उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय और राज्य एजेंसियां पिछले नौ वर्ष में देश में सभी प्रकार के आतंकवाद पर मजबूती से नियंत्रण लगाने में सफल रही हैं. उन्होंने कहा कि एनआईए, आतंकवाद निरोधक दस्तों और राज्य कार्यबल का काम केवल जांच तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें आतंकवाद से निपटने के लिए लीक से हटकर सोचना चाहिए और नए उपाय करने चाहिए.

गृह मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के लिए वैश्विक स्तर से लेकर जमीनी स्तर तक सहयोग की आवश्यकता है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी शामिल है.गृह मंत्री ने उत्कृष्ट सेवा के लिए एनआईए अधिकारियों को पदक से भी सम्मानित किया.

शाह ने कहा कि एनआईए के दायरे में मॉडल आतंकवाद निरोधक ढांचा स्थापित किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए राज्यों में सभी आतंकवाद निरोधक एजेंसियों की जांच के पदानुक्रम, ढांचे और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को एक समान बनाया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों, उनकी एजेंसियों और अंतर-एजेंसी सहयोग को हर तरीके से विचार करना होगा. उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र और राज्यों की सभी एजेंसियों को डेटाबेस का बहुआयामी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित उपयोग करना चाहिए, तभी हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सफल होंगे.'' गृह मंत्री ने कहा कि डेटाबेस का इस्तेमाल जांच, अभियोजन, रोकथाम और कार्रवाई के लिए किया जाना चाहिए और प्रत्येक थाने के साथ-साथ युवा पुलिस अधिकारियों को इसका अधिकतम इस्तेमाल करने पर जोर दिया.

उन्होंने एनआईए और खुफिया ब्यूरो से सभी केंद्रीय और राज्य स्तरीय आतंकवाद निरोधक एजेंसियों के लिए साझा प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करने को कहा, ताकि आतंकवाद से लड़ने की पद्धति में एकरूपता लाई जा सके. उन्होंने कहा कि 2001 में आतंकवादी घटनाओं की संख्या 6000 थी, जो 2022 में घटकर 900 रह गयी. शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के पिछले नौ वर्षों के कार्यकाल में जम्मू कश्मीर में विकास और शांति का नया सवेरा हुआ है, जिससे पूर्ववर्ती सरकार के 10 वर्षों की तुलना में आतंकवादी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है.

शाह ने यह भी कहा कि इन नौ वर्षों के दौरान आतंकी घटनाओं में नागरिकों की मृत्यु में 81 प्रतिशत और सुरक्षा कर्मियों की मृत्यु में 48 प्रतिशत की कमी आई है. गृह मंत्री ने जून 2004 से मई 2014 तक के 10 वर्षों की तुलना में जून 2014 से अगस्त 2023 तक नौ वर्षों के दौरान आतंकवाद प्रभावित जम्मू कश्मीर में हिंसा की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी का जिक्र किया.

गृह मंत्री ने कहा कि जून 2004-मई 2014 के दौरान आतंक संबंधी 7,217 घटनाएं हुई थीं, जो जून 2014 और अगस्त 2023 के बीच घटकर 2,197 हो गईं. उन्होंने कहा कि इस तरह आतंकवादी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी आई है. शाह ने 94 प्रतिशत से अधिक दोषसिद्धि दर हासिल करने के लिए एनआईए की सराहना करते हुए कहा कि इस दिशा में और काम करने की जरूरत है और सभी राज्यों से दोषसिद्धि दर बढ़ाने के लिए कदम उठाने को कहा.

मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इस साल स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के अभियान समुद्रगुप्त के दौरान एक साथ 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के नशीले पदार्थ जब्त किए गए.

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अयोग्य घोषित लक्षद्वीप के सांसद ने केरल हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

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अयोग्य करार हुए लक्षद्वीप के सांसद मोहम्मद फैजल (Mohammed Faizal) ने केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) के फैसले को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में चुनौती दी है. एनसीपी (NCP) नेता मोहम्मद फैजल ने हत्या के प्रयास के मामले में उनकी सजा को निलंबित करने की उनकी याचिका को खारिज करने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस दोषसिद्धि के कारण उन्हें इस साल दूसरी बार लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया. 

तीन अक्टूबर को हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को फैजल को लोकसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया. फैजल संसद में लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. 

इससे पहले 22 अगस्त को लक्षद्वीप (UT) के NCP सांसद मोहम्मद फैजल को बड़ा झटका लगा था. उन पर लोकसभा से अयोग्य होने की तलवार फिर लटक गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के प्रयास के मामले में सजा बहाल के केरल हाईकोर्ट द्वारा दोषी करार देने को निलंबित करने के फैसले को रद्द किया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केरल हाईकोर्ट ने  कानून के सारे पहलुओं पर गौर नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को मामले पर फिर से विचार करने को कहा था. 

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को 6 हफ्ते में सजा निलंबित करने पर फिर से विचार करने को कहा था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट के अपील पर फैसला करने तक उनकी सजा निलंबित रहेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा वह नहीं चाहता कि अयोग्यता होने से अचानक क्षेत्र में वैक्यूम हो जाए.  

फैजल की राहुल गांधी को राहत मिलने की दलील भी खारिज की गई थी. जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने फैसले में कहा था, इसमें कोई विवाद नहीं है कि वे सांसद हैं और लक्षद्वीप का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्हें हाईकोर्ट के फैसले का लाभ मिला है. 

दरअसल केंद्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप ने सजा पर रोक लगाने को चुनौती दी थी. पहले कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया था क्योंकि निर्वाचन आयोग ने कोर्ट के समक्ष कहा था कि चूंकि दोष सिद्धि को ही कोर्ट ने स्थगित कर दिया है लिहाजा अभी उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी, यानि फिलहाल उपचुनाव कराने की कोई जरूरत नहीं होगी .

मोहम्मद फैजल ने लक्षद्वीप संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट को चुनौती दी थी. हालांकि चुनाव आयोग ने चुनाव के लिए अधिसूचना जारी नहीं की थी. आयोग ने 18 जनवरी को कहा था कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता फैजल को अयोग्य ठहराए जाने के बाद लक्षद्वीप लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव 27 फरवरी को पांच राज्यों की छह विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव के साथ होगा. इसके बाद फैजल की सदस्यता बरकरार हो गई थी. 

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