Sharp plan extra fuel avoiding collision How Isro brought back Chandrayaanfrom India Today | Latest Stories https://ift.tt/kRpQE6Y
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की शानदार जीत के पीछे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल क्षेत्रों में उसका प्रभावशाली प्रदर्शन प्रमुख कारकों में से एक है. भाजपा ने रविवार को मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 में से 163 सीट जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया, जबकि कांग्रेस सिर्फ 66 सीट पर सिमट गई.
उसने 15 जिलों में फैले मालवा-निमाड़ क्षेत्र के कुल 66 विधानसभा क्षेत्रों में से 48 में जीत हासिल की. 2018 की तुलना में उसे 20 सीट का फायदा हुआ, जबकि कांग्रेस की संख्या 17 रह गई. रतलाम जिले की सैलाना सीट भारत आदिवासी पार्टी ने जीती है। आदिवासी पार्टी राज्य की राजनीति में एक नयी पार्टी है.
2018 के विधानसभा चुनाव में, मालवा-निमाड़ और ग्वालियर चंबल क्षेत्र ने कांग्रेस का भारी समर्थन किया था, जिसने सत्ता हासिल करने के लिए उस समय राज्य में उसने 114 सीट जीती थीं.
पिछले चुनाव में, कांग्रेस ने मालवा निमाड़ इलाके के 35 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा की संख्या 2013 में जीती गई 57 सीट से घटकर 28 रह गई थी.
इंदौर-1 सीट से जीतने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय मालवा निमाड़ से एक प्रमुख चेहरा रहे हैं.
भारतीय जनता पार्टी ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 34 सीट में से आधी से अधिक सीट जीतीं, जहां पूर्व कांग्रेस राजनेता और वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव है. लेकिन जो लोग 2020 में कांग्रेस से बगावत करके पार्टी में शामिल हुए थे, उनमें से कई को इस चुनाव में धूल चाटनी पड़ी.
2018 के चुनाव में जब सिंधिया कांग्रेस में थे तो कांग्रेस ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 34 में से 26 सीट जीती थीं। 2023 के चुनाव में कांग्रेस ने सिंधिया की गैरमौजूदगी में 10 सीट भाजपा के हाथों गंवा दीं. भाजपा के पास अब ग्वालियर चंबल से 18 विधायक हैं। उसे बसपा की एक सीट का भी फायदा हुआ है.
इस क्षेत्र के प्रमुख चेहरों में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुरैना जिले की दिमनी सीट जीत ली, लेकिन वरिष्ठ भाजपा नेता और राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा अपने गृह क्षेत्र दतिया में हार गये.
इस बार, भाजपा ने मध्य प्रदेश के सभी प्रमुख क्षेत्रों-- बुंदेलखंड, विंध्य, महाकौशल और मध्य क्षेत्र (भोपाल और नर्मदापुरम संभाग) शामिल हैं, में अलग-अलग संख्या में सीट जोड़ीं.
भाजपा ने 26 सीट वाले बुंदेलखंड क्षेत्र में कांग्रेस से चार सीट छीन लीं. अब उसकी सीट बढ़कर 21 हो गईं.
कुल मिलाकर 38 खंडों वाले महाकोशल क्षेत्र में, भाजपा ने अपनी पिछली सीट में आठ सीट जोड़ ली हैं, जिससे नवीनतम सीट की संख्या 21 हो गई है, जबकि कांग्रेस की संख्या पिछली 24 से घटकर 17 हो गई है. कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ का निर्वाचन क्षेत्र छिंदवाड़ा इसी क्षेत्र में आता है.
केंद्रीय मंत्री और भाजपा के आदिवासी चेहरे फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला जिले की निवास सीट हार गए, जबकि उनके कैबिनेट सहयोगी प्रह्लाद सिंह पटेल महाकौशल के नरसिंहपुर निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए.
तीस विधानसभा क्षेत्रों वाले विंध्य क्षेत्र में भाजपा ने 25 सीट पर जीत हासिल की है, जबकि एक कांग्रेस से छीन ली है. कांग्रेस की कुल सीट अब पांच हो गई है.
भाजपा नेता और लोकसभा सदस्य गणेश सिंह विंध्य के सतना विधानसभा क्षेत्र से हार गए. मध्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रतिनिधित्व की जाने वाली हाई-प्रोफाइल बुधनी सीट सहित 36 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, वहां भाजपा ने कांग्रेस से सात सीट छीनकर कुल 31 सीट जीती हैं.
मध्य क्षेत्र में कांग्रेस का संख्याबल, जिसमें भोपाल और नर्मदापुरम राजस्व मंडल शामिल हैं, 2018 में 12 की तुलना में इस बार घटकर पांच हो गया.
भाजपा को इस बार 48.55 फीसदी वोट मिले हैं, जो 2018 की तुलना में सात फीसदी से ज्यादा है. 2018 के चुनाव में पार्टी को 41.02 फीसदी वोट मिले थे.
दूसरी ओर, कांग्रेस का वोट शेयर 40.89 प्रतिशत (2018) के मुकाबले लगभग 40.40 प्रतिशत पर ही रहा, जबकि उसकी सीट 114 से गिरकर 66 सीट पर आ गईं.
य़े भी पढ़ें- "कांग्रेस को चिंतन करना होगा..." : छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में मिली हार पर बोले पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंह देव
मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो तिहाई बहुमत मिल गया है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, प्रदेश की 230 विधानसभा सीट में से भाजपा के उम्मीदवार 159 सीट जीत चुके हैं जबकि चार सीट पर आगे चल रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने अब तक 63 सीट पर जीत दर्ज की है और वह तीन सीट पर आगे चल रही है. भाजपा मध्य प्रदेश में सत्ता बरकरार रखने के साथ ही अपने विधायकों की संख्या बढ़ाने में सफल रही जबकि शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल के 10 से अधिक मौजूदा मंत्री पराजित हो गए हैं.
जिन अन्य प्रमुख मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा उनमें अटेर से अरविंद भदोरिया, हरदा से कमल पटेल और बालाघाट से गौरीशंकर बिसेन शामिल हैं. इनके अलावा हारने वाले मंत्रियों में बड़वानी से प्रेम सिंह पटेल, बमोरी से महेंद्र सिंह सिसोदिया, बदनावर से राजवर्धन सिंह, ग्वालियर ग्रामीण से भारत सिंह कुशवाह, अमरपाटन से रामखेलावन पटेल, पोहरी से सुरेश धाकड़ और परसवाड़ा से रामकिशोर कावरे शामिल हैं. एक अन्य मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल सिंह लोधी को खरगापुर से हार का सामना करना पड़ा.
ये भी पढ़ें-:
आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं को “धोखा देने” के लिए भाजपा सांसद सनी देओल की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे “बड़े लोग” लोगों के कल्याण के लिए कुछ नहीं करेंगे. उन्होंने लोगों से 2024 के लोकसभा चुनावों में ‘आम आदमी' के लिए वोट करने को कहा. केजरीवाल ने विश्वास जताया कि पंजाब में उनकी पार्टी को मिल रहे “प्यार और आशीर्वाद” को देखते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) राज्य में अगले साल आम चुनाव में सभी 13 संसदीय सीटें जीतेगी.
दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके पंजाब के समकक्ष भगवंत मान ने यहां अंतरराज्यीय बस टर्मिनल सहित 1,854 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं शुरू कीं.
'आप' के राष्ट्रीय संयोजक ने सांसद सनी देओल की उनके निर्वाचन क्षेत्र से “अनुपस्थिति” पर भी निशाना साधा. उन्होंने देओल पर गुरदासपुर के मतदाताओं को धोखा देने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने कहा, “पिछली बार, आपने (इस सीट से) सनी देओल को चुना था. क्या वह कभी आए थे? क्या आपने कभी उनका चेहरा देखा है? वह कभी नहीं आए.”
केजरीवाल ने लोगों से लोकसभा चुनाव में 'आप' के लिए वोट करने की अपील करते हुए कहा, “हमने सोचा कि वह एक बहुत बड़े अभिनेता हैं और उन्हें वोट देंगे तो वह कुछ करेंगे. इतने बड़े लोग कुछ नहीं करेंगे. ‘आम आदमी' को वोट दें, वह आपके लिए कुछ करेगा और वह आपका फोन उठाएगा.”
इससे पहले, मान ने भी लोकसभा चुनाव के बाद निर्वाचन क्षेत्र की अनदेखी के लिए सांसद देओल की आलोचना की थी. मान ने कहा कि ऐसे लोग असंवेदनशील हैं और उन्हें आम आदमी से कोई सहानुभूति नहीं है.
उन्होंने कहा, “वह (देओल) अपनी फिल्म की सफलता के लिए स्वर्ण मंदिर में प्रार्थना करने आए, लेकिन अपने निर्वाचन क्षेत्र में जाने की जहमत नहीं उठाई, जो सिर्फ 40 किमी दूर है. ऐसे लोग आम लोगों का दर्द नहीं समझ सकते.”
Bigg Boss 17 Promo: बिग बॉस के घर में वीकेंड आते-आते कोई ना कोई बड़ा हंगामा हो ही जाता है. इस बार वीकेंड के वार से पहले जो तहलका बिग बॉस के घर में मचा वो इस सीजन अब तक नहीं हुआ है. दरअसल, तहलका यानी की सनी आर्या और अभिषेक कुमार के बीच झगड़े की कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें अभिषेक चिल्लाते हुए दिख रहे हैं, तो वहीं सनी आर्या फिजिकल होते हुए नज़र आ रहे हैं. इस पर कहा जा रहा है कि तहलका को शो से बाहर निकाल दिया गया है, हालांकि इस पर अभी तक कंफर्मेशन नहीं आई है.
करण जौहर देंगे सनी को सजा
बिग बॉस 17 के वीकेंड के वार में इस बार सलमान खान की जगह करण जौहर होस्ट करते हुए नजर आएंगे. इससे जुड़ा एक क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसमें सबसे पहले करण जौहर अंकिता लोखंडे और मन्नारा चोपड़ा की क्लास लगाते नजर आएंगे, तो इसके बाद सनी आर्या की सजा का ऐलान करेंगे. कहा जा रहा है कि अभिषेक कुमार के साथ फिजिकल होने के बाद उन्हें शो से बाहर कर दिया जाएगा. इससे पहले भी कई बार बिग बॉस सनी को चेतावनी दे चुके हैं, मगर तहलका अपना एग्रेसिव बिहेवियर सुधार नहीं पा रहे हैं.
यूजर्स बोले -अच्छा है शो से 'तहलका' गया
सोशल मीडिया पर सनी आर्या के बाहर जाने की खबर तेजी से वायरल हो रही है और इस पर यूजर्स भी तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं. एक ने लिखा कि अच्छा फैसला हुआ. एक अन्य ने लिखा, यार बिग बॉस को ऐसा नहीं करना चाहिए था. एक ने लिखा कि यह बंदा बहुत ज्यादा ओवर रिएक्ट करता है.
जम्मू-कश्मीर में स्थानीय आबादी पर सकारात्मक प्रभाव डालने की कोशिशों के तहत भारतीय सेना ने एक और दो दिसंबर को चिनार नौजवान क्लब, बोनियार में दो दिवसीय जॉब फेयर का आयोजन किया. इसका उद्देश्य रोजगार के अवसर तलाश रहे स्थानीय युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है. नियोक्ताओं की और से करीब 600 नौकरियों के ऑफर थे, जॉब फेयर में इसके लिए राज्य के करीब 2500 युवा पहुंचे.
यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के रोजगार निदेशालय के सहयोग से आयोजित किया गया. निदेशालय केंद्र शासित प्रदेश और बाहर के नियोक्ताओं को एक साथ लाया. इससे उम्मीदवारों को खेती, बागवानी, पशुपालन और हथकरघा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियां तलाशने का मौका मिला.
जॉब फेयर स्व-रोजगार पैदा करने के उद्देश्य से विभिन्न संस्थागत योजनाओं और सभी उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी देने में भी सफल रहा. कई निजी फर्मों ने भी जॉब फेयर में भाग लिया. यह फर्में कुशल और अकुशल दोनों प्रकार के रोजगार के अवसर देती हैं.
नवनिर्मित आईटी लैब की सुविधा का उपयोग करके साइट पर विभिन्न नियोक्ताओं ने ऑनलाइन इंटरव्यू भी आयोजित किए. यह जॉब फेयर क्षेत्र में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सेना और नागरिकों के बीच सामंजस्यपूर्ण बंधन को और मजबूत करने के समग्र दृष्टिकोण में भारतीय सेना का नया कदम है.
Animal Social Media Review: एनिमल की चर्चा बीते कुछ दिनों से चली आ रही है, जिसका कारण रणबीर कपूर का वाइलेंट लुक और धमाकेदार एक्शन है. वहीं फिल्म को ए सर्टिफिकेट मिलने के बाद लोगों की एक्साइटमेंट इसलिए भी बढ़ गई है कि एनिमल की कहानी (Animal Story) क्या है? एनिमल का रिव्यू (Animal Review) कैसा होगा? अब जब 1 दिसंबर को फिल्म रिलीज हो गई है तो सोशल मीडिया पर एनिमल का फर्स्ट डे फर्स्ट शो (Animal First Day First Show) देखने गए दर्शकों ने फिल्म का फर्स्ट हाफ कैसा था और फिल्म का रिव्यू कैसा है. यह बता दिया है.
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, एनिमल की शुरुआत रणबीर मोंटाज लुक से होती है और इसके बाद बचपन का एपिसोड आता है. ब्लड बाथ की तर्ज पर बताई गई पिता पुत्र की कहानी. कभी बोर नहीं होने देती. एक्शन का भरपूर आनंद.
#FirstHalf: #Animal starts with #Ranbir montage looks and follows by childhood episode. The Father son story told on the lines of blood bath. Never gets bored. Experience the full on action explosion. Still waiting for main conflict in the plot, leads to huge 2nd half.#Rashmika pic.twitter.com/jDnqvoR0d0
— TFI Talkies (@TFITalkies) December 1, 2023
दूसरे यूजर ने एनिमल का एक सीन शेयर करते हुए लिखा, जबरदस्त पहला हाफ...
Kick ass 1st half ❤️? #Animal pic.twitter.com/36Veji7plt
— PRIYA? (@_ThisisPriya) December 1, 2023
तीसरे यूजर ने लिखा, सिनेमा नेक्स्ट लेवल भय्या. रणबीर स्वैग आह कैरेक्टर मास एंट्री. बीजीएम वेरी लेवल. इनका फर्स्ट हाफ पागल कर देता है. बॉबी देओल जबरदस्त..
Cinema next level Bhayya
— BadA$$ (@leo_dassss) December 1, 2023
Ranbir swagg ahh character mass antey??
Bgm vere level ?
Inka first half mad stuff?
Bobby deol?
End credits assalu miss avadhu?
And finally
Arey @imvangasandeep ela ra ila em kotti testav ra cinema ni madd ra nuv ?
??#Animal #animalmovie pic.twitter.com/EYpYrWjYRU
बता दें, एनिमल में रणबीर कपूर के अलावा बॉबी देओल, अनिल कपूर और रश्मिका मंदाना अहम किरदार में नजर आ रहे हैं. जबकि फिल्म का बजट कुल 100 (Animal Budget) करोड़ बताया जा रहा है. वहीं कहा जा रहा है कि पहले दिन का वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस (Animal Worldwide Box Office Day 1) के साथ ही एनिमल बजट की कमाई हासिल कर लेगी.
अक्सर हम आपको आपके पसंदीदा एक्टरों की ऐसी तस्वीरें दिखाते हैं, जिसमें उन्हें पहचानना आपके लिए काफी मुश्किल भरा होता है. ऐसे में आज हम आपको दिखाते हैं, एक ऐसे एक्टर की तस्वीर जो एक्टिंग से पहले नेशनल लेवल के रेसलर हुआ करते थे और इंडस्ट्री में आकर भी इन्होंने इतना दमदार किरदार निभाया की टीवी पर हनुमान से लेकर पहलवान तक सभी भूमिका इन्होंने निभाई, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस एक्टर के साथ एक्ट्रेस काम करने से भी घबराती थीं.
कौन है ये हैंडसम हीरो
इस ब्लैक एंड व्हाइट पुरानी तस्वीर को जरा गौर से देखें, विंटेज लुक में इस फोटो में नजर आ रहे इस शख्स को क्या आप पहचान पाए हैं. अगर जरा सा भी कंफ्यूजन है तो एक हिंट हम आपको दे देते हैं कि उन्होंने रामानंद सागर की रामायण में एक आईकॉनिक रोल प्ले किया था. हो सकता है अब आपने गैस कर लिया हो, लेकिन जरा भी डाउट है आपका कन्फ्यूजन क्लियर करते हुए आपको बता देते हैं कि ये कोई और नहीं बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के फेमस एक्टर दारा सिंह हैं जो इस फोटो में बहुत ही यंग और मासूम नजर आ रहे हैं.
पर्सनालिटी देख हीरोइनों को लगता था डर
दारा सिंह आज भले ही हमारे बीच नहीं हो, लेकिन आखिरी बार उन्हें 2007 में करीना कपूर के दादा का रोल निभाते फिल्म जब भी मेट में देखा गया था . उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में 100 से ज्यादा फिल्में की, जिसमें किंग कोंग और फौलाद किरदार के लिए उन्हें जाना जाता है. वहीं, रामानंद सागर की रामायण में उन्होंने आईकॉनिक हनुमान का रोल प्ले किया. बता दें कि दारा सिंह ने 1952 में संगदिल फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी. उनकी दमदार पर्सनालिटी और रौब देखकर कई एक्ट्रेसेस उनके साथ काम करने से घबराते थीं.
पहलवान से अभिनेता फिर बने राजनेता
दारा सिंह एक मशहूर भारतीय पहलवान भी रह चुके हैं, उन्होंने 1968 में अमेरिकी चैंपियन लाऊ थेज को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था. 1996 में उनकी तस्वीर रेसलिंग ऑब्जर्वर न्यूजलेटर हॉल ऑफ फ्रेम में शामिल की गई. हालांकि, 1993 में ही उन्होंने कुश्ती को अलविदा कह दिया था. इसके बाद 1998 में दारा सिंह ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की, वह 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे, इतना ही नहीं वह जाट महासभा के अध्यक्ष भी थे.
परिणीति चोपड़ा और राघव चड्ढा ने 24 सितंबर को राजस्थान के उदयपुर में एक शानदार और ग्रैंड शाम को एक दूसरे के साथ सात फेरे लिए. हाल ही में परिणीति चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में उन्होंने वो टॉफी दिखाई जो वो बचपन में खाया करती थीं और अब लंबे समय के बाद उन्हें दोबारा इसके दर्शन हुए और खाने को मिली. परिणीति ने तस्वीर शेयर करते हुए उस खास शख्स को थैंक्यू भी कहा जिसने उन्हें यह खास तोहफा दिया था.
परिणीति चोपड़ा ने अपनी ननद को शुक्रिया कहा
आज 26 नवंबर को परिणीति चोपड़ा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी ननद की गिफ्ट में दी गई टॉफी के लिए थैंक्यू कहा. इसकी तस्वीर के साथ उन्होंने अपनी पुरानी यादें भी ताजा कीं. परिणीति ने अपनी स्टोरी में कैंडी की एक तस्वीर शेयर की और लिखा, “सिस्टर इन लॉ ने मुझे वो गिफ्ट दिया जो वाकई मायने रखता है. 20 साल बाद इसे खाया, पुरानी यादें ताजा हो गईं @गौरी”.
यहां देखें परिणीति की पोस्ट:

परिणीति चोपड़ा ने ननद को कहा थैंक्यू
वर्कफ्रंट पर परिणीति चोपड़ा
लेटेस्ट रिपोर्ट में परिणीति ने सर्वाइवल थ्रिलर मिशन रानीगंज: द ग्रेट इंडियन रेस्क्यू में एक रोल किया. टीनू सुरेश देसाई के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म 1989 के रानीगंज कोयला क्षेत्र आपदा से जुड़ी घटनाओं पर आधारित थी. आगे परिणीति इम्तियाज अली की अमर सिंह चमकीला में दिखाई देने वाली हैं. अगले साल नेटफ्लिक्स पर आने के लिए तैयार इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ पंजाबी गायक को रोल में हैं, और परिणीति उनकी पत्नी के रोल में हैं.
स्वीडन में कारोलिंस्का इंस्टिट्यूट के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में लाइफ एक्सपेक्टेंसी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) के...