Monday, November 27, 2023

धर्मेंद्र के साथ नजर आ रहे यंग बॉय के साथ फिल्में करने से घबराती थीं हीरोइनें, रामानंद सागर की रामायण में था अहम रोल, पहचाना क्या?

\

अक्सर हम आपको आपके पसंदीदा एक्टरों की ऐसी तस्वीरें दिखाते हैं, जिसमें उन्हें पहचानना आपके लिए काफी मुश्किल भरा होता है. ऐसे में आज हम आपको दिखाते हैं, एक ऐसे एक्टर की तस्वीर जो एक्टिंग से पहले नेशनल लेवल के रेसलर हुआ करते थे और इंडस्ट्री में आकर भी इन्होंने इतना दमदार किरदार निभाया की टीवी पर हनुमान से लेकर पहलवान तक सभी भूमिका इन्होंने निभाई, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस एक्टर के साथ एक्ट्रेस काम करने से भी घबराती थीं.

कौन है ये हैंडसम हीरो

इस ब्लैक एंड व्हाइट पुरानी तस्वीर को जरा गौर से देखें, विंटेज लुक में इस फोटो में नजर आ रहे इस शख्स को क्या आप पहचान पाए हैं. अगर जरा सा भी कंफ्यूजन है तो एक हिंट हम आपको दे देते हैं कि उन्होंने रामानंद सागर की रामायण में एक आईकॉनिक रोल प्ले किया था. हो सकता है अब आपने गैस कर लिया हो, लेकिन जरा भी डाउट है आपका कन्फ्यूजन क्लियर करते हुए आपको बता देते हैं कि ये कोई और नहीं बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के फेमस एक्टर दारा सिंह हैं जो इस फोटो में बहुत ही यंग और मासूम नजर आ रहे हैं.

पर्सनालिटी देख हीरोइनों को लगता था डर

दारा सिंह आज भले ही हमारे बीच नहीं हो, लेकिन आखिरी बार उन्हें 2007 में करीना कपूर के दादा का रोल निभाते फिल्म जब भी मेट में देखा गया था . उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में 100 से ज्यादा फिल्में की, जिसमें किंग कोंग और फौलाद किरदार के लिए उन्हें जाना जाता है. वहीं, रामानंद सागर की रामायण में उन्होंने आईकॉनिक हनुमान का रोल प्ले किया. बता दें कि दारा सिंह ने 1952 में संगदिल फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी. उनकी दमदार पर्सनालिटी और रौब देखकर कई एक्ट्रेसेस उनके साथ काम करने से घबराते थीं.

पहलवान से अभिनेता फिर बने राजनेता

दारा सिंह एक मशहूर भारतीय पहलवान भी रह चुके हैं, उन्होंने 1968 में अमेरिकी चैंपियन लाऊ थेज को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था. 1996 में उनकी तस्वीर रेसलिंग ऑब्जर्वर न्यूजलेटर हॉल ऑफ फ्रेम में शामिल की गई. हालांकि, 1993 में ही उन्होंने कुश्ती को अलविदा कह दिया था. इसके बाद 1998 में दारा सिंह ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की, वह 2003 से 2009 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे, इतना ही नहीं वह जाट महासभा के अध्यक्ष भी थे.



from NDTV India - Latest https://ift.tt/8zgFyhI

No comments:

Post a Comment

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर वाले लोगों की हो सकती है जल्दी मौत, अध्ययन में सामने आया चौकाने वाला आंकड़ा

स्वीडन में कारोलिंस्का इंस्टिट्यूट के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक हालिया अध्ययन में लाइफ एक्सपेक्टेंसी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) के...